कोडरमा जिले में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान से भारी मात्रा में महंगे पेड़ों की तैयार लकड़ियां बरामद की हैं। इस दौरान अवैध लकड़ी के धंधे में संलिप्त दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला ने बताया कि उन्हें कोडरमा प्रखंड के सुजानपुर गांव स्थित एक मकान में अवैध रूप से लकड़ी के भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी। यह मकान एसपी आवास के ठीक पीछे स्थित है। सूचना मिलते ही उनके नेतृत्व में टीम गठित की गई और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग कर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम से विभिन्न प्रजातियों की भारी मात्रा में लकड़ियां बरामद की गईं। शीशम-सागवान समेत कई कीमती प्रजातियां वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान शीशम, अकेशिया, गमहार, सागवान और सखुआ जैसी कीमती प्रजातियों की लकड़ियों के चिरांग पटरा बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त लकड़ियों की मात्रा इतनी अधिक है कि यह करीब 10 से 13 पिकअप या ट्रैक्टर के बराबर बताई जा रही है। हालांकि जब्ती सूची तैयार होने के बाद ही इसकी सटीक कीमत का आकलन किया जा सकेगा, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार इसकी कीमत 12 से 15 लाख रुपए के बीच हो सकती है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान सूरज साव और केवल साव के रूप में हुई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज वन विभाग की टीम फिलहाल गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने किन क्षेत्रों से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की और कहां आरा मिल संचालित कर रहे थे। साथ ही इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने कहा कि कोडरमा चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है, बावजूद इसके तस्करों की गतिविधियों से जंगलों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कोडरमा में लगभग 15 लाख की अवैध लकड़ी बरामद:वन विभाग ने दो तस्करों को किया गिरफ्तार, शीशम-सागवान समेत कई कीमती प्रजातियां मिलीं
कोडरमा जिले में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान से भारी मात्रा में महंगे पेड़ों की तैयार लकड़ियां बरामद की हैं। इस दौरान अवैध लकड़ी के धंधे में संलिप्त दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला ने बताया कि उन्हें कोडरमा प्रखंड के सुजानपुर गांव स्थित एक मकान में अवैध रूप से लकड़ी के भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी। यह मकान एसपी आवास के ठीक पीछे स्थित है। सूचना मिलते ही उनके नेतृत्व में टीम गठित की गई और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग कर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम से विभिन्न प्रजातियों की भारी मात्रा में लकड़ियां बरामद की गईं। शीशम-सागवान समेत कई कीमती प्रजातियां वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान शीशम, अकेशिया, गमहार, सागवान और सखुआ जैसी कीमती प्रजातियों की लकड़ियों के चिरांग पटरा बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त लकड़ियों की मात्रा इतनी अधिक है कि यह करीब 10 से 13 पिकअप या ट्रैक्टर के बराबर बताई जा रही है। हालांकि जब्ती सूची तैयार होने के बाद ही इसकी सटीक कीमत का आकलन किया जा सकेगा, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार इसकी कीमत 12 से 15 लाख रुपए के बीच हो सकती है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान सूरज साव और केवल साव के रूप में हुई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज वन विभाग की टीम फिलहाल गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने किन क्षेत्रों से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की और कहां आरा मिल संचालित कर रहे थे। साथ ही इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने कहा कि कोडरमा चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है, बावजूद इसके तस्करों की गतिविधियों से जंगलों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

