हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद (वार्ड नंबर 24) में एक ही परिवार के तीन लोगों की सेफ्टी टैंक में दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में चमेली देवी, उनका बेटा रवि साव और चाचा मदन साव शामिल हैं, जबकि आनंद साव गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, सेफ्टी टैंक में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई और रखी जाती थी। जिसके कारण टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। घटना के वक्त चमेली देवी टैंक से महुआ शराब निकालने के लिए नीचे उतरीं, लेकिन अंदर पहुंचते ही जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखें… एक-एक कर उतरे और मरते गए लोग जब काफी देर तक चमेली देवी बाहर नहीं निकलीं, तो परिजन चिंतित हो उठे। मां को बचाने के लिए सबसे पहले उनका बेटा रवि साव टैंक में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर गिर पड़ा। इसके बाद चाचा मदन साव ने हिम्मत जुटाकर दोनों को बचाने की कोशिश की। वे भी उसी जहरीली गैस के शिकार हो गए। टैंक के भीतर मौजूद गैस इतनी खतरनाक थी कि तीनों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान घर के अन्य सदस्य बेसहारा होकर यह मंजर देखते रह गए। बचाने की कोशिश में घायल हुआ पिता अपनी पत्नी, बेटे और भाई को तड़पता देख आनंद साव ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस से प्रभावित होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अवैध महुआ शराब निर्माण को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साहू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सेफ्टी टैंक में जहरीली गैस से मां-बेटे, चाचा की मौत:हजारीबाग में टैंक में रखी थाी महुआ शराब; निकालने के दौरान हुई मौतें
हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद (वार्ड नंबर 24) में एक ही परिवार के तीन लोगों की सेफ्टी टैंक में दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में चमेली देवी, उनका बेटा रवि साव और चाचा मदन साव शामिल हैं, जबकि आनंद साव गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, सेफ्टी टैंक में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई और रखी जाती थी। जिसके कारण टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। घटना के वक्त चमेली देवी टैंक से महुआ शराब निकालने के लिए नीचे उतरीं, लेकिन अंदर पहुंचते ही जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखें… एक-एक कर उतरे और मरते गए लोग जब काफी देर तक चमेली देवी बाहर नहीं निकलीं, तो परिजन चिंतित हो उठे। मां को बचाने के लिए सबसे पहले उनका बेटा रवि साव टैंक में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर गिर पड़ा। इसके बाद चाचा मदन साव ने हिम्मत जुटाकर दोनों को बचाने की कोशिश की। वे भी उसी जहरीली गैस के शिकार हो गए। टैंक के भीतर मौजूद गैस इतनी खतरनाक थी कि तीनों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान घर के अन्य सदस्य बेसहारा होकर यह मंजर देखते रह गए। बचाने की कोशिश में घायल हुआ पिता अपनी पत्नी, बेटे और भाई को तड़पता देख आनंद साव ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस से प्रभावित होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अवैध महुआ शराब निर्माण को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साहू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

