पूर्णिया में बगीचे से आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद में दबंगई और मारपीट का मामला सामने आया है। आम तोड़ने से रोकने पर किसान को गांव के दबंगों ने घेरकर लाठी-डंडे से अधमरा होने तक बेरहमी से पिटा। मारपीट में जख्मी किसान की हालत काफी गंभीर है। वहीं घटना के बाद आरोपी मौके से दो बोरा आम लेकर फरार हो गए। घायल की पहचान पटराहा डीह निवासी उपेंद्र ऋषिदेव के रूप में हुई है। उपेंद्र ने बताया कि उन्होंने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर तीन साल के लिए आम का बगीचा ठेके पर लिया है। बगीचे की देखरेख और आम की खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। बीती रात इलाके में तेज आंधी आयी थी, जिसमें बगीचे का एक आम का पेड़ गिर गया था। सुबह गांव के नेपाली कहार, मंटुश, दिलखुश समेत कुछ लोग गिरे हुए पेड़ से आम तोड़ने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि बगीचा ठेके पर लिया गया है, इसलिए बिना अनुमति आम नहीं तोड़ा जा सकता, तभी विवाद शुरू हो गया। विरोध करने पर सभी लोग गाली-गलौज करने लगे और देखते ही देखते लाठी-डंडे से हमला कर दिया। घायल किसान का जीएमसीएच में चल रहा इलाज मारपीट के दौरान उपेंद्र के पैर पर गंभीर चोट लगी। घायल हालत में वे जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी वहां से लाखों के आम लेकर फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया। जहां गंभीर हालत में किसान का इलाज जारी है। पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर बीकोठी थाना पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कही। मामले को लेकर थाना में आवेदन दी जा रही है।
पूर्णिया में आम तोड़ने से रोकने पर किसान की पिटाई:लाठी-डंडे से अधमरा होने तक पीटा, लाखों रुपए की फसल लेकर भागे बदमाश
पूर्णिया में बगीचे से आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद में दबंगई और मारपीट का मामला सामने आया है। आम तोड़ने से रोकने पर किसान को गांव के दबंगों ने घेरकर लाठी-डंडे से अधमरा होने तक बेरहमी से पिटा। मारपीट में जख्मी किसान की हालत काफी गंभीर है। वहीं घटना के बाद आरोपी मौके से दो बोरा आम लेकर फरार हो गए। घायल की पहचान पटराहा डीह निवासी उपेंद्र ऋषिदेव के रूप में हुई है। उपेंद्र ने बताया कि उन्होंने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर तीन साल के लिए आम का बगीचा ठेके पर लिया है। बगीचे की देखरेख और आम की खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। बीती रात इलाके में तेज आंधी आयी थी, जिसमें बगीचे का एक आम का पेड़ गिर गया था। सुबह गांव के नेपाली कहार, मंटुश, दिलखुश समेत कुछ लोग गिरे हुए पेड़ से आम तोड़ने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि बगीचा ठेके पर लिया गया है, इसलिए बिना अनुमति आम नहीं तोड़ा जा सकता, तभी विवाद शुरू हो गया। विरोध करने पर सभी लोग गाली-गलौज करने लगे और देखते ही देखते लाठी-डंडे से हमला कर दिया। घायल किसान का जीएमसीएच में चल रहा इलाज मारपीट के दौरान उपेंद्र के पैर पर गंभीर चोट लगी। घायल हालत में वे जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी वहां से लाखों के आम लेकर फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया। जहां गंभीर हालत में किसान का इलाज जारी है। पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर बीकोठी थाना पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कही। मामले को लेकर थाना में आवेदन दी जा रही है।


