मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी संजीत महतो को बरी कर दिया है। एडीजे-1 की अदालत ने उन्हें दस साल बाद आरोपी को बाइज्जत रिहा किया। संजीत महतो पारू थाना क्षेत्र के केशोपुर वभनगांव के निवासी हैं। यह मामला संजीत महतो के ससुर शंकर महतो ने पारू थाना में दर्ज कराया था। इसकी प्राथमिकी संख्या 250/16 थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में चार गवाह पेश किए थे। हालांकि, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के अभाव में अदालत ने उन्हें रिहा करने का फैसला सुनाया। वकील बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं संजीत महतो का बचाव मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने किया। उन्होंने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। रिहाई के बाद वकील झा ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने यह भी बताया कि संजीत महतो एक गरीब परिवार से आते हैं और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।
दहेज हत्या मामले में आरोपी पति बरी:मुजफ्फरपुर कोर्ट ने 10 साल बाद किया रिहा, वकील बोले- सच की जीत हुई
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी संजीत महतो को बरी कर दिया है। एडीजे-1 की अदालत ने उन्हें दस साल बाद आरोपी को बाइज्जत रिहा किया। संजीत महतो पारू थाना क्षेत्र के केशोपुर वभनगांव के निवासी हैं। यह मामला संजीत महतो के ससुर शंकर महतो ने पारू थाना में दर्ज कराया था। इसकी प्राथमिकी संख्या 250/16 थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में चार गवाह पेश किए थे। हालांकि, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के अभाव में अदालत ने उन्हें रिहा करने का फैसला सुनाया। वकील बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं संजीत महतो का बचाव मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने किया। उन्होंने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। रिहाई के बाद वकील झा ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने यह भी बताया कि संजीत महतो एक गरीब परिवार से आते हैं और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।


