पड़ोसी देश बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) के बढ़ते प्रकोप ने झारखंड के स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वहां बच्चों की मौत और सैकड़ों संक्रमित मामलों की खबरों के बाद राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासकर संथाल परगना प्रमंडल के जिलों में विशेष निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। देवघर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि समय रहते किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा गया है। घर-घर हो सर्वे, दिया जा रहा एमआर वैक्सीन जिला टीकाकरण पदाधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए संथाल परगना के सभी जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एमआर (मीजल्स-रूबेला) वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों की पहचान कर रहे हैं। उनका टीकाकरण कर रहे हैं। जो बच्चे पहले टीकाकरण से वंचित रह गए थे, उन्हें भी चिन्हित कर अभियान के तहत वैक्सीन दी जा रही है। इसके साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो बनेंगे मेडिकल कैंप स्वास्थ्य विभाग केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि खसरे के संभावित लक्षणों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी बच्चे में तेज बुखार, मुंह में छाले या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण मिलने पर तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू करने के निर्देश हैं। राहत की बात यह है कि देवघर जिले में अभी तक खसरे का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। संदिग्ध मामलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अधिकारियों ने बताया कि यदि भविष्य में संक्रमण का खतरा बढ़ता है तो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। वरिष्ठ चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
बांग्लादेश में खसरे का कहर, झारखंड में अलर्ट:संथाल परगना में घर-घर चल रहा सर्वे, दिया जा रहा एमआर वैक्सीन
पड़ोसी देश बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) के बढ़ते प्रकोप ने झारखंड के स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वहां बच्चों की मौत और सैकड़ों संक्रमित मामलों की खबरों के बाद राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासकर संथाल परगना प्रमंडल के जिलों में विशेष निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। देवघर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि समय रहते किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा गया है। घर-घर हो सर्वे, दिया जा रहा एमआर वैक्सीन जिला टीकाकरण पदाधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए संथाल परगना के सभी जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एमआर (मीजल्स-रूबेला) वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों की पहचान कर रहे हैं। उनका टीकाकरण कर रहे हैं। जो बच्चे पहले टीकाकरण से वंचित रह गए थे, उन्हें भी चिन्हित कर अभियान के तहत वैक्सीन दी जा रही है। इसके साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो बनेंगे मेडिकल कैंप स्वास्थ्य विभाग केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि खसरे के संभावित लक्षणों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी बच्चे में तेज बुखार, मुंह में छाले या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण मिलने पर तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू करने के निर्देश हैं। राहत की बात यह है कि देवघर जिले में अभी तक खसरे का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। संदिग्ध मामलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अधिकारियों ने बताया कि यदि भविष्य में संक्रमण का खतरा बढ़ता है तो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। वरिष्ठ चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं।

