रांची22 घंटे पहले
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठकें कीं। उन्होंने अधिकारियों को गांव, गरीब और महिला उत्थान पर फोकस करते हुए ‘ग्राउंड पर रिजल्ट’ देने का मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का असर केवल फाइलों में नहीं, गांवों में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहना चाहिए। मिट्टी और जर्जर घरों में रहने वाले लोगों को चिह्नित कर उन्हें लाभ पहुंचाएं। बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों (सखी मंडल) के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 5 हजार नए सखी मंडल बनाने और 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
जल संचय व बिरसा हरित ग्राम योजना पर फोकस जल संकट और सिंचाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने गांवों में जल संचय अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि पानी बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास जरूरी हैं। मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना की समीक्षा में सीएम ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना बताया। किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया।
ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता से समझौता नहीं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। नकारी ली और वहां मौजूद महिला लाभुकों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।



