दरभंगा में चर्चित स्नैक्स ब्रांड “बॉस फूड” के नाम पर बड़े पैमाने पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जाने के मामले का खुलासा हुआ है। कंपनी को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दिल्ली से आई विशेष टीम ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर भारी मात्रा में डुप्लीकेट सामान, रैपर और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। बॉस फूड के लोकप्रिय उत्पाद चीकू, टेस्टी पटसा और चटोरी की हूबहू नकल कर उन्हें बाजार में उतारा जा रहा था। नकली उत्पादों की वजह से कंपनी की साख पर असर पड़ रहा था और आर्थिक नुकसान भी लगातार बढ़ रहा था। कंपनी का दावा है कि इस अवैध कारोबार से अब तक उसे करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच बॉस फूड के सेल्स ऑफिसर रवि चौधरी ने बताया कि पिछले तीन से चार महीनों से बाजार से लगातार डुप्लीकेट उत्पादों की शिकायतें मिल रही थीं। ग्राहकों और वितरकों से मिली जानकारी के आधार पर कंपनी ने मामले की जांच शुरू की और सबूत जुटाए। जांच के बाद आज दिल्ली से मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक टीम दरभंगा पहुंची। दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी दिल्ली से आई टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक यूनिट में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली स्नैक्स, बॉस फूड के नाम से छपे रैपर, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान बरामद किए गए। अधिकारियों ने मौके से मिले सभी सामान को जब्त कर सील कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कारोबार कथित तौर पर सुनील अग्रवाल नाम के व्यवसायी की ओर से संचालित किया जा रहा था। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली उत्पादों की सप्लाई किन-किन जिलों और बाजारों तक की जा रही थी। हर महीने लाखों का नुकसान मौके पर मौजूद सेल्स ऑफिसर रवि चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नकली उत्पादों की वजह से कंपनी को हर महीने करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। उन्होंने बताया कि बरामद सामान की गणना अभी जारी है और यह आकलन किया जा रहा है कि जब्त किए गए नकली उत्पादों की कुल कीमत कितनी है। उन्होंने कहा, “तीन-चार महीने पहले हमारे संज्ञान में यह मामला आया था। तब से हमारी टीम लगातार बाजार में जांच कर रही थी। आज दिल्ली से मजिस्ट्रेट और हमारी टीम के साथ छापेमारी की गई है। नकली उत्पादों के कारण कंपनी को अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।” दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई छापेमारी की कार्रवाई के बाद प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली उत्पाद बनाने और बेचने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदें और किसी भी संदिग्ध सामान की सूचना तत्काल दें।
दरभंगा में डुप्लीकेट स्नैक्स के खिलाफ कार्रवाई:नकली उत्पाद जब्त, कंपनी बोली- 10 करोड़ का नुकसान हुआ
दरभंगा में चर्चित स्नैक्स ब्रांड “बॉस फूड” के नाम पर बड़े पैमाने पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जाने के मामले का खुलासा हुआ है। कंपनी को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दिल्ली से आई विशेष टीम ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर भारी मात्रा में डुप्लीकेट सामान, रैपर और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। बॉस फूड के लोकप्रिय उत्पाद चीकू, टेस्टी पटसा और चटोरी की हूबहू नकल कर उन्हें बाजार में उतारा जा रहा था। नकली उत्पादों की वजह से कंपनी की साख पर असर पड़ रहा था और आर्थिक नुकसान भी लगातार बढ़ रहा था। कंपनी का दावा है कि इस अवैध कारोबार से अब तक उसे करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच बॉस फूड के सेल्स ऑफिसर रवि चौधरी ने बताया कि पिछले तीन से चार महीनों से बाजार से लगातार डुप्लीकेट उत्पादों की शिकायतें मिल रही थीं। ग्राहकों और वितरकों से मिली जानकारी के आधार पर कंपनी ने मामले की जांच शुरू की और सबूत जुटाए। जांच के बाद आज दिल्ली से मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक टीम दरभंगा पहुंची। दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी दिल्ली से आई टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक यूनिट में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली स्नैक्स, बॉस फूड के नाम से छपे रैपर, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान बरामद किए गए। अधिकारियों ने मौके से मिले सभी सामान को जब्त कर सील कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कारोबार कथित तौर पर सुनील अग्रवाल नाम के व्यवसायी की ओर से संचालित किया जा रहा था। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली उत्पादों की सप्लाई किन-किन जिलों और बाजारों तक की जा रही थी। हर महीने लाखों का नुकसान मौके पर मौजूद सेल्स ऑफिसर रवि चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नकली उत्पादों की वजह से कंपनी को हर महीने करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। उन्होंने बताया कि बरामद सामान की गणना अभी जारी है और यह आकलन किया जा रहा है कि जब्त किए गए नकली उत्पादों की कुल कीमत कितनी है। उन्होंने कहा, “तीन-चार महीने पहले हमारे संज्ञान में यह मामला आया था। तब से हमारी टीम लगातार बाजार में जांच कर रही थी। आज दिल्ली से मजिस्ट्रेट और हमारी टीम के साथ छापेमारी की गई है। नकली उत्पादों के कारण कंपनी को अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।” दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई छापेमारी की कार्रवाई के बाद प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली उत्पाद बनाने और बेचने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदें और किसी भी संदिग्ध सामान की सूचना तत्काल दें।


