कोडरमा के जेजे कॉलेज के छात्रों ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से जेसी बोस विश्वविद्यालय में कॉलेज के स्थानांतरण का विरोध किया। शनिवार को छात्रों ने रांची-पटना मुख्य मार्ग (एनएच-20) को घंटों जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। जगन्नाथ जैन महाविद्यालय (जेजे कॉलेज) पहले हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबद्ध था। अब इसे गिरिडीह जिले के जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ जेजे कॉलेज के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और छात्रों ने पहले भी जनप्रतिनिधियों से मिलकर रोक लगाने की मांग की थी। जब कहीं से कोई सार्थक पहल नहीं हुई, तो छात्र उग्र हो उठे। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज के बाहर एनएच-20 पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने “हेमंत सोरेन होश में आओ”, “तुगलकी फरमान वापस लो”, “छात्र हित की बात करो” जैसे नारे लगाए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें यात्री बसें और एंबुलेंस भी फंसी रहीं। सूचना मिलने पर कोडरमा के एसडीएम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाकर जाम खुलवाया और स्थिति को सामान्य किया। बताते चलें कि शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों द्वारा जगन्नाथ जैन कॉलेज पहुंचकर इस आदेश को वापस लेने की बात पर विचार विमर्श किया गया था। वहीं, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह सांसद अन्नपूर्णा देवी ने इसे झारखंड सरकार की हिटलर शाही नीति बताया था। उन्होंने कहा था कि राज्य के हेमंत सरकार कोडरमा के छात्र-छात्राओं के भविष्य को अंधकार में डालने की नीयत से जेजे कॉलेज को विनोबा भावे यूनिवर्सिटी से हटाकर जेसी बोस यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने का घिनौना कार्य किया है।
छात्रों ने जेजे कॉलेज स्थानांतरण का विरोध किया:एनएच-20 जाम कर किया घंटों प्रदर्शन, पुलिस ने हटाया
कोडरमा के जेजे कॉलेज के छात्रों ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से जेसी बोस विश्वविद्यालय में कॉलेज के स्थानांतरण का विरोध किया। शनिवार को छात्रों ने रांची-पटना मुख्य मार्ग (एनएच-20) को घंटों जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। जगन्नाथ जैन महाविद्यालय (जेजे कॉलेज) पहले हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबद्ध था। अब इसे गिरिडीह जिले के जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ जेजे कॉलेज के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और छात्रों ने पहले भी जनप्रतिनिधियों से मिलकर रोक लगाने की मांग की थी। जब कहीं से कोई सार्थक पहल नहीं हुई, तो छात्र उग्र हो उठे। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज के बाहर एनएच-20 पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने “हेमंत सोरेन होश में आओ”, “तुगलकी फरमान वापस लो”, “छात्र हित की बात करो” जैसे नारे लगाए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें यात्री बसें और एंबुलेंस भी फंसी रहीं। सूचना मिलने पर कोडरमा के एसडीएम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाकर जाम खुलवाया और स्थिति को सामान्य किया। बताते चलें कि शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों द्वारा जगन्नाथ जैन कॉलेज पहुंचकर इस आदेश को वापस लेने की बात पर विचार विमर्श किया गया था। वहीं, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह सांसद अन्नपूर्णा देवी ने इसे झारखंड सरकार की हिटलर शाही नीति बताया था। उन्होंने कहा था कि राज्य के हेमंत सरकार कोडरमा के छात्र-छात्राओं के भविष्य को अंधकार में डालने की नीयत से जेजे कॉलेज को विनोबा भावे यूनिवर्सिटी से हटाकर जेसी बोस यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने का घिनौना कार्य किया है।


