पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में रविवार को बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी तीन चरणों वाले आंदोलन के तीसरे चरण के तहत आयोजित ‘‘दे धक्का आंदोलन’’ में कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से गाड़ी को धक्का देकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम की शुरुआत शाहपुर स्थित अंबेडकर नगर से हुई, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को धक्का देते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों को आम जनता के लिए बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि महंगाई के कारण गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम लोगों की आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और इसके माध्यम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आंदोलन करने की दी चेतावनी पार्टी के जिलाध्यक्ष मिथलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है। किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र और छोटे व्यवसायी सभी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो बहुजन मुक्ति पार्टी भविष्य में और व्यापक आंदोलन चलाने को बाध्य होगी। प्रदर्शन में लोकसभा प्रभारी अधिवक्ता विनोद यादव, सूबेदार प्रसाद मेहता, रामस्वरूप पासवान, रहमत आलम, महेंद्र शर्मा, महेश यादव, ब्रजेश अंबेडकर, ऋषिकेश मौर्या सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सरकार से जल्द राहतकारी कदम उठाने की मांग दोहराई।
औरंगाबाद में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत का विरोध:केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मार्च, कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को दिया धक्का
पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में रविवार को बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी तीन चरणों वाले आंदोलन के तीसरे चरण के तहत आयोजित ‘‘दे धक्का आंदोलन’’ में कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से गाड़ी को धक्का देकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम की शुरुआत शाहपुर स्थित अंबेडकर नगर से हुई, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को धक्का देते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों को आम जनता के लिए बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि महंगाई के कारण गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम लोगों की आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और इसके माध्यम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आंदोलन करने की दी चेतावनी पार्टी के जिलाध्यक्ष मिथलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है। किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र और छोटे व्यवसायी सभी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो बहुजन मुक्ति पार्टी भविष्य में और व्यापक आंदोलन चलाने को बाध्य होगी। प्रदर्शन में लोकसभा प्रभारी अधिवक्ता विनोद यादव, सूबेदार प्रसाद मेहता, रामस्वरूप पासवान, रहमत आलम, महेंद्र शर्मा, महेश यादव, ब्रजेश अंबेडकर, ऋषिकेश मौर्या सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सरकार से जल्द राहतकारी कदम उठाने की मांग दोहराई।
