भास्कर न्यूज | गढ़वा पाल महासंघ गढ़वा के तत्वावधान में रविवार को राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पाल महासंघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार पाल के नेतृत्व में सुबह 8 बजे नीलांबर-पीतांबर भवन के समीप स्थित राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राजमाता के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और आदर्शों को याद करते हुए उन्हें महान समाज सुधारक और लोक कल्याणकारी शासक बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासंघ के सचिव रमेश पाल ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर ने धनगर-गडरिया परिवार से होने के बावजूद जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होंने शिक्षा, धर्म, संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया, जिसके कारण आज भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उप सचिव बुद्धदेव पाल ने राजमाता को नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर महिलाओं को सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। माल्यार्पण कार्यक्रम के बाद पाल महासंघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने युवा समाजसेवी राकेश पाल के साथ विचार गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में समाज के विकास, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर चर्चा की गई। राकेश पाल ने सभी पाल परिवारों से सामाजिक कार्यों में आगे आकर योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही वर्ष 2026 में पाल महासंघ का एक भव्य सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उपस्थित लोगों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में महासंघ के उपाध्यक्ष उमेश पाल, उप सचिव सुरेंद्र पाल, जिला संरक्षक सुखबीर पाल, रामावतार पाल, अशर्फी पाल, विजय पाल, रामदास पाल, रामसकल पाल, भोगनाथ पाल, विवेकानंद पाल, योगेंद्र पाल, अभय पाल, दिलीप पाल, अमरदीप पाल, राकेश पाल, नितेश पाल, शिवकुमार पाल, रंजन पाल, सुमित पाल सहित जिले के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में पाल समाज के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलने और समाज हित में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती महासंघ ने उनके योगदान पर चर्चा की
भास्कर न्यूज | गढ़वा पाल महासंघ गढ़वा के तत्वावधान में रविवार को राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पाल महासंघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार पाल के नेतृत्व में सुबह 8 बजे नीलांबर-पीतांबर भवन के समीप स्थित राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राजमाता के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और आदर्शों को याद करते हुए उन्हें महान समाज सुधारक और लोक कल्याणकारी शासक बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासंघ के सचिव रमेश पाल ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर ने धनगर-गडरिया परिवार से होने के बावजूद जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होंने शिक्षा, धर्म, संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया, जिसके कारण आज भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उप सचिव बुद्धदेव पाल ने राजमाता को नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर महिलाओं को सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। माल्यार्पण कार्यक्रम के बाद पाल महासंघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने युवा समाजसेवी राकेश पाल के साथ विचार गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में समाज के विकास, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर चर्चा की गई। राकेश पाल ने सभी पाल परिवारों से सामाजिक कार्यों में आगे आकर योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही वर्ष 2026 में पाल महासंघ का एक भव्य सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उपस्थित लोगों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में महासंघ के उपाध्यक्ष उमेश पाल, उप सचिव सुरेंद्र पाल, जिला संरक्षक सुखबीर पाल, रामावतार पाल, अशर्फी पाल, विजय पाल, रामदास पाल, रामसकल पाल, भोगनाथ पाल, विवेकानंद पाल, योगेंद्र पाल, अभय पाल, दिलीप पाल, अमरदीप पाल, राकेश पाल, नितेश पाल, शिवकुमार पाल, रंजन पाल, सुमित पाल सहित जिले के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में पाल समाज के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलने और समाज हित में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

