भास्कर न्यूज|कुडू अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टीको कुडू के संस्थापक सदस्य स्व1 कालिंदी भवानी की पुण्य तिथि श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाई गई। मौके पर कॉलेज सचिव इंद्रजीत कुमार भारती अपनी माता कालिंदी भवानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मौके पर कॉलेज सचिव ने कहा मेरे पूज्य माताजी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन, आपका स्नेह, त्याग और मार्गदर्शन हमेशा मेरे जीवन का अमूल्य हिस्सा रहेंगे, आपके आदर्शों पर चलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी सच्ची श्रद्धांजलि है। मौके पर कॉलेज के सभी व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा उनके जीवन मूल्यों, सादगी, त्याग और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को स्मरण किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टीको कुडू की स्थापना व पूजा-अर्चना का शुभारंभ स्वयं कालिंदी भवानी देवी के कर-कमलों के द्वारा संपन्न कराया गया था। उनके आशीर्वाद, संस्कार व मार्गदर्शन की छाप आज भी संस्थान की कार्यशैली और मूल्यों में परिलक्षित होती है। मौके पर कॉलेज प्राचार्या डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी, वीरेंद्र बाघवार, लक्ष्मण मुंडा, व्याख्याता जंगबहादुर, पंकज भारती, रेणुका, आफताब, कुंदन, ममता, पवन, नीरज, शिवशंकर, शशि, संदीप, प्यारी, किशोर सहित अन्य शामिल थे।
कुडू में कालिंदी भवानी की पुण्यतिथि श्रद्धा के साथ मनाई
भास्कर न्यूज|कुडू अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टीको कुडू के संस्थापक सदस्य स्व1 कालिंदी भवानी की पुण्य तिथि श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाई गई। मौके पर कॉलेज सचिव इंद्रजीत कुमार भारती अपनी माता कालिंदी भवानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मौके पर कॉलेज सचिव ने कहा मेरे पूज्य माताजी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन, आपका स्नेह, त्याग और मार्गदर्शन हमेशा मेरे जीवन का अमूल्य हिस्सा रहेंगे, आपके आदर्शों पर चलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी सच्ची श्रद्धांजलि है। मौके पर कॉलेज के सभी व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा उनके जीवन मूल्यों, सादगी, त्याग और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को स्मरण किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टीको कुडू की स्थापना व पूजा-अर्चना का शुभारंभ स्वयं कालिंदी भवानी देवी के कर-कमलों के द्वारा संपन्न कराया गया था। उनके आशीर्वाद, संस्कार व मार्गदर्शन की छाप आज भी संस्थान की कार्यशैली और मूल्यों में परिलक्षित होती है। मौके पर कॉलेज प्राचार्या डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी, वीरेंद्र बाघवार, लक्ष्मण मुंडा, व्याख्याता जंगबहादुर, पंकज भारती, रेणुका, आफताब, कुंदन, ममता, पवन, नीरज, शिवशंकर, शशि, संदीप, प्यारी, किशोर सहित अन्य शामिल थे।

