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3200 Cr Project: Bihar Travel Time Halved

भारत सरकार ने खगड़िया-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) फोरलेन परियोजना को स्वीकृति दे दी है। यह मंजूरी पूर्व सांसद और कदवा के वर्तमान विधायक दुलाल चन्द्र गोस्वामी के वर्षों के निरंतर प्रयासों के बाद मिली है।

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इस परियोजना को सीमांचल और पूर्वी बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। श्री गोस्वामी ने अपने सांसद कार्यकाल के दौरान इस परियोजना की आवश्यकता को लोकसभा और केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाया था।

सड़क चौड़ीकरण और फोरलेन का काम जारी है उन्होंने सदन में कई बार इस बात पर जोर दिया था कि पटना से खगड़िया तक सड़क चौड़ीकरण और फोरलेन का काम जारी है, लेकिन खगड़िया से पूर्णिया तक का 140 किलोमीटर का महत्वपूर्ण मार्ग अभी भी फोरलेन सुविधा से वंचित है।

उन्होंने 16 मार्च 2021 और 07 दिसंबर 2022 जैसी विभिन्न तारीखों पर लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान सरकार से मांग की थी।

उनकी मांग थी कि सीमांचल के विकास, व्यापार और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इस मार्ग का भी शीघ्र फोरलेन निर्माण कराया जाए।

यह परियोजना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। NH-31 को बिहार की जीवनरेखा माना जाता है। खगड़िया से पूर्णिया के बीच वर्तमान में दो लेन की सड़क है,

कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा जिस पर यातायात का भारी दबाव रहता है। कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज से सिलीगुड़ी तथा पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले वाहन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

फोरलेन बनने से यात्रा का समय 3 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। इससे मक्का, केला और जूट जैसे कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बंगाल, असम और नेपाल सीमा तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

परियोजना को मंजूरी मिलने पर विधायक दुलाल चन्द्र गोस्वामी ने कहा कि यह सीमांचल की जनता की जीत है।

विधायक गोस्वामी के प्रयासों की सराहना की उन्होंने बताया कि फोरलेन बनने से क्षेत्र में उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने भी केंद्र सरकार और विधायक गोस्वामी के प्रयासों की सराहना की है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी और उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

इस परियोजना पर लगभग 3200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

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