बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लालू परिवार पर निशाना साधा है। सुरक्षा वापस करने और परिवारवाद के मुद्दे पर कहा कि देश में अगर दबाव की राजनीति सीखनी हो, तो वह लालू यादव के परिवार से सीखी जा सकती है। ये सरकार पर अव्यावहारिक प्रेशर डाल रहे हैं। नियम के तहत तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं, उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए और सुरक्षा है भी। लेकिन अगर वे वापस ही कर दिए हैं, तो कौन क्या बोलेगा। यह देश एक लोकतंत्र है और यहां राजशाही नहीं चलती। हम जब तक जिंदा रहेंगे, तब तक राजशाही में रहेंगे, ऐसा नहीं होता है, लालू जी को यह समझना चाहिए। ड्राइवर को भी CM बना दें, कौन रोकेगा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे के कर्नाटक के गृहमंत्री बनने के सवाल पर कहा कि इस पार्टी में पूरी तरह से मनमानी है। मैं तो कहता हूं कि वे अपने ड्राइवर को भी उप मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बना दें, तो उन्हें कौन रोकेगा। उनका इशारा था कि कांग्रेस के भीतर फैसले लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि एक परिवार की इच्छा के अनुसार होते हैं। नेहरू से लेकर अखिलेश-ममता तक घेरा गिरिराज सिंह ने देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों को वंशवाद के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कांग्रेस को इस परंपरा की जननी बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस ही है, जो देश में वंशवाद का सबसे जीता-जागता नमूना है। अगर किसी ने देश में वंशवाद को बढ़ावा दिया है, तो वह नेहरू खानदान ने दिया है। अब वही परंपरा खड़गे जी निभा रहे हैं। वही परंपरा ममता जी की है, वही परंपरा लालू यादव और अखिलेश यादव की है। जनता देख रही है, भुगतना पड़ेगा खमियाजा केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर जनता के भरोसे को लेकर दावा किया कि लोग इस तरह की राजनीति को अब स्वीकार नहीं कर रहे हैं। यह सब वंशवादी परंपरा के लोग हैं। देश की जनता यह सब बहुत अच्छी तरह से देख रही है। आज नहीं तो कल, इन सभी को इस राजनीति का खमियाजा भुगतना ही पड़ेगा।
'लालू परिवार से सीखें प्रेशर पॉलिटिक्स':गिरिराज सिंह बोले- देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता वंशवादी हैं, जनता सब देख रही है
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लालू परिवार पर निशाना साधा है। सुरक्षा वापस करने और परिवारवाद के मुद्दे पर कहा कि देश में अगर दबाव की राजनीति सीखनी हो, तो वह लालू यादव के परिवार से सीखी जा सकती है। ये सरकार पर अव्यावहारिक प्रेशर डाल रहे हैं। नियम के तहत तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं, उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए और सुरक्षा है भी। लेकिन अगर वे वापस ही कर दिए हैं, तो कौन क्या बोलेगा। यह देश एक लोकतंत्र है और यहां राजशाही नहीं चलती। हम जब तक जिंदा रहेंगे, तब तक राजशाही में रहेंगे, ऐसा नहीं होता है, लालू जी को यह समझना चाहिए। ड्राइवर को भी CM बना दें, कौन रोकेगा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे के कर्नाटक के गृहमंत्री बनने के सवाल पर कहा कि इस पार्टी में पूरी तरह से मनमानी है। मैं तो कहता हूं कि वे अपने ड्राइवर को भी उप मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बना दें, तो उन्हें कौन रोकेगा। उनका इशारा था कि कांग्रेस के भीतर फैसले लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि एक परिवार की इच्छा के अनुसार होते हैं। नेहरू से लेकर अखिलेश-ममता तक घेरा गिरिराज सिंह ने देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों को वंशवाद के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कांग्रेस को इस परंपरा की जननी बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस ही है, जो देश में वंशवाद का सबसे जीता-जागता नमूना है। अगर किसी ने देश में वंशवाद को बढ़ावा दिया है, तो वह नेहरू खानदान ने दिया है। अब वही परंपरा खड़गे जी निभा रहे हैं। वही परंपरा ममता जी की है, वही परंपरा लालू यादव और अखिलेश यादव की है। जनता देख रही है, भुगतना पड़ेगा खमियाजा केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर जनता के भरोसे को लेकर दावा किया कि लोग इस तरह की राजनीति को अब स्वीकार नहीं कर रहे हैं। यह सब वंशवादी परंपरा के लोग हैं। देश की जनता यह सब बहुत अच्छी तरह से देख रही है। आज नहीं तो कल, इन सभी को इस राजनीति का खमियाजा भुगतना ही पड़ेगा।

