‘हिन्दुस्तान’ के लोकप्रिय अभियान ‘आओ राजनीति करें’ के तहत शनिवार को गुरुग्राम कार्यालय में संवाद आयोजित किया गया। इसमें पहली बार वोट डालने जा रही छात्राओं ने अपने मुद्दे उठाए। संवाद…

‘हिन्दुस्तान’ के लोकप्रिय अभियान ‘आओ राजनीति करें’ के तहत शनिवार को गुरुग्राम कार्यालय में संवाद आयोजित किया गया। इसमें पहली बार वोट डालने जा रही छात्राओं ने अपने मुद्दे उठाए। संवाद में मुख्य अतिथि के बतौर आए हुडा प्रशासक और इंदौर लोकसभा के लिए ऑर्ब्जवर नियुक्त किए आईएएस डॉ. चंद्रशेखर खरे ने एक-एक वोट की अहमियत बताई। खरे ने मतदाता जागरूकता पर केंद्रित ‘हिन्दुस्तान’ के इस अभियान की प्रशंसा की। इस मौके पर छात्राओं ने सुरक्षित माहौल के साथ रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की वकालत की।
हर एक वोट जरूरी है। ऐसा भी होता है कि एक-दो वोट या फिर कुछ वोटों से चुनाव का नतीजा तय होता है। 2008 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर खरे ने छात्राओं से कहा कि आप वोट जरूर करें। अपने दोस्तों और परिवार के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। वोटिंग एक ऐसा अधिकार है जिससे आप बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदान में भागीदारी करके अच्छे जनप्रतिनिधि का चुनाव करें। इसके बाद सेक्टर-40 स्थित लॉ कॉलेज और एमिटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम की छात्राओं ने तकनीकी और कौशलपरक शिक्षा की मांग की। छात्राओं ने कहा कि जनप्रतिनिधि सरकार के स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली नीतियों को बनाएं। ताकि लड़कियां उच्च शिक्षा हासिल करके बेरोजगार न रहें। वे अपने पढ़ाई का इस्तेमाल कर सकें।
पीएम मोदी हरियाणा में करेंगे 4 चुनावी जनसभाएं, जानें पूरा शेड्यूल
लॉ कॉलेज की छात्रा ज्योति ने कहा कि कॉलेजों में कोर्स प्रयोगात्मक होने चाहिए। किताबें पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है। इसके पूरा होने से शिक्षा स्तर में काफी बदलाव हो सकता है। इसी कॉलेज की एक अन्य छात्रा कनक ने कहा सरकार अपने संस्थानों में संसाधनों और सुविधाओं की कमी न होने दे। कनक ने कहा कि इस अभाव में सरकारी संस्थान पीछे जा रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।
33 फीसदी आरक्षण मिले
लॉ कॉलेज की छात्रा शिवानी वर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण पर काफी सालों से बात हो रही है लेकिन अभी तक 33 फीसदी आरक्षण नहीं मिला। सरकार जल्द से जल्द इस पर फैसला ले, ताकि सभी क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या बढ़ सके। इसे आधी आबादी को तरक्की के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। इसी कॉलेज से कानून की पढ़ाई कर रही शिखा शर्मा ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए सीमित संसाधन हैं इनकी संख्या बढ़ाई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे तो जरूर लगाए जाने चाहिए। शिखा ने गुरुग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था काफी कमजोर है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर जरूर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि इसे सुधारा जा सके। कुसुम ने शिक्षा में समानता का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी दयनीय है। सरकार ऐसी पॉलिसी लेकर आए, जिसमें राजनेताओं के साथ-अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की पांबदी या शर्त हो। कुसुम ने कहा दोहरी शिक्षा प्रणाली से दिक्कत हो रही है।
नीतियों पर अमल हो
छात्राओं ने सामूहिक तौर पर उच्च शिक्षा में बदलाव की आवाज बुलंद की। छात्राओं ने कहा कि बदले वक्त के साथ यह जरूरी है कि हमें स्कूल स्तर से ही कौशलपरक शिक्षा मिले। छात्रा दीपिका आर्या ने कहा कि नीतियां सही से लागू नहीं होती हैं। हमें किताबी ज्ञान अधिक दिया जाता है, जबकि विदेशों में प्रैक्टिकल नॉलेज पर फोकस किया जाता है। दीपिका ने कहा लड़कियां बहुत कुछ करना चाहती हैं लेकिन संसाधनों, अवसर की कमी के चलते वे घर बैठ जाती हैं। सोनिया ने कहा सरकारी संस्थानों में प्रोफेसरों की काफी कमी है ऐसे में उच्च शिक्षा कैसे अच्छी हो सकती है।



