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शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के कुटौत गांव में रविवार शाम “मौलिक अधिकार और कर्तव्य” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के एएसपी डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी गणमान्य अतिथियों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन डॉ. साधना कुमारी और शिक्षक कुणाल कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में समाजवादी नेता शिवकुमार, पूर्व सिविल सर्जन डॉ. के. पुरुषोत्तम, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव विपिन कुमार, प्रो. रमाकांत प्रसाद सिंह, डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुधांशु शेखर, एसकेआर कॉलेज बरबीघा के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार और वरिष्ठ शिक्षक अरविंद मानव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। मुख्य अतिथि एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने जोर दिया कि इन अधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने मौलिक कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करे। उन्होंने युवाओं से संविधान के प्रति जागरूक रहने, कानून का सम्मान करने और समाज में भाईचारे की भावना विकसित करने का आह्वान किया। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं और इनके संतुलन से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। समाजवादी नेता शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने आज के युवाओं से संविधान की मूल भावना को समझते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया। आरडी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. रमाकांत प्रसाद सिंह ने कहा कि मौलिक अधिकार नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की गारंटी देते हैं, जबकि मौलिक कर्तव्य राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे तो देश की अधिकांश सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान का अध्ययन करने और उसके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज कुमार के नेतृत्व में डॉ. साधना कुमारी, आईआईटियन वैभव कुमार, एलएलबी के विद्यार्थी अभिनंदन कुमार, समाजसेवी रौशन कुमार, गुलशन कुमार सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर संविधान के प्रति जागरूकता का संदेश ग्रहण किया।

