डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आमजन को आपदा की स्थिति में सतर्कता, सुरक्षा उपायों एवं त्वरित प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करना है।
किसी हवाई हमला से बचाव समेत किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेगूसराय में गुरुवार को मॉक ड्रिल एवं ब्लैक आउट अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक निर्धारित स्थलों पर सायरन बजाकर आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की
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डीएम-सह-नागरिक सुरक्षा नियंत्रक श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से निर्धारित सिविल डिफेंस ब्लैक आउट एवं मॉक ड्रिल अभ्यास की तैयारी कर ली गई है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संभावित आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई है।
डीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग बिहार के सचिव एवं असैनिक सुरक्षा बिहार के महानिदेशक-सह-आयुक्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बैठक के आलोक में बिहार के चयनित जिलों में ब्लैक आउट एवं मॉक ड्रिल अभ्यास कराया जाना है। जिसमें बेगूसराय जिला में 14 मई को मॉक ड्रिल एवं ब्लैक आउट अभ्यास आयोजित किया जाएगा।

मॉक ड्रिल के दौरान क्या-क्या होगा
इस दौरान शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक छह निर्धारित स्थानों पर सायरन बजाकर आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया जाएगा। प्रस्तावित मॉक ड्रिल को छह अलग-अलग परिदृश्यों के आधार पर संचालित की जाएगी।
इसमें एयर रेड अर्ली वार्निंग सिस्टम, ब्लैक आउट उपाय, निकासी एवं शेल्टरिंग, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल रिस्पॉन्स एवं कैजुअल्टी इवैक्यूएशन तथा अग्निशमन से संबंधित अभ्यास शामिल रहेंगे। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक तत्परता, विभागीय समन्वय एवं जनसुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
मॉक ड्रिल के लिए जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का चयन किया गया। इनमें सदर अस्पताल, जिला परिषद मार्केट (कचहरी रोड) एवं इंजीनियरिंग कॉलेज प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठान आईओसीएल, एनटीपीसी एवं एचयूआरएल में भी मॉक ड्रिल एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया।
सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास कार्यक्रमों से आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों में भी आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
आम जनता को आपदा की स्थिति में सतर्कता के प्रति जागरूक करना उद्देश्य
डीएम ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह अभ्यास (Mock Drill) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आमजन को आपदा की स्थिति में सतर्कता, सुरक्षा उपायों एवं त्वरित प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि सायरन बजने के यदि विद्युत आपूर्ति बंद की जाती है तो सभी लोग अपने-अपने घरों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की लाइट तथा अन्य विद्युत उपकरण जैसे जनरेटर, इन्वर्टर, बैट्री, टॉर्च आदि बंद रखें। साथ ही घरों की खिड़कियों एवं रोशनदानों को इस प्रकार ढंक दें कि किसी प्रकार की रोशनी बाहर नहीं दिखाई दे।
वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को यथास्थान रोककर हेडलाइट बंद कर लें। खुले स्थानों पर टॉर्च, मोबाइल की रोशनी, दिया अथवा लालटेन आदि का उपयोग नहीं करने का अनुरोध किया गया है। इसका विभिन्न माध्यमों से लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

