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Bihar Vigilance Busts 28 Corrupt Officials, Seizes Rs 7.99 Lakh

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार।

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में 28 भ्रष्ट लोकसेवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया, जबकि दो मामले आय से अधिक

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निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआती कार्रवाई पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी रही है। इस दौरान 7.99 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

डीजी गंगवार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी-फरवरी 2023 में 10 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2024 में इसी अवधि में केवल एक मामला सामने आया, जबकि 2025 में सात केस दर्ज किए गए थे। इसके विपरीत, 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 28 मामले दर्ज किए गए, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

2025 में 30 मामलों में अदालत से दोषियों को सजा दिलाई गई थी

यह संख्या वर्ष 2024 की तुलना में 28 गुना और 2025 की तुलना में चार गुना अधिक है। डीजी के अनुसार, ब्यूरो की टीम को दिए गए विशेष प्रशिक्षण के बाद कार्रवाई की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले 25 वर्षों में औसतन हर साल 72 मामले दर्ज होते रहे हैं, जबकि वर्ष 2025 में 122 मामले दर्ज कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया था।

गिरफ्तारियों के साथ-साथ सजा दिलाने के मामलों में भी प्रगति हुई है। वर्ष 2025 में 30 मामलों में अदालत से दोषियों को सजा दिलाई गई थी। वहीं, वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में ही चार मामलों में दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, डीजी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में मानव संसाधन की कमी पर चिंता व्यक्त की, जहां एक तिहाई पद खाली पड़े हैं।

स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित 200 मामले

भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए करीब 200 मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित किया गया है। इससे लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की उम्मीद है।

ब्यूरो में मानव संसाधन की कमी, एक तिहाई पद खाली

हालांकि, डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने माना की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में मानव संसाधन की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। डीजी ने बताया कि इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के करीब एक-तिहाई पद रिक्त हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर अतिरिक्त कर्मियों की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया गया है। जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।

कैंटीन भवन के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

डीजी ने निगरानी ब्यूरो परिसर में कैंटीन भवन के जीर्णोद्धार और विस्तारीकरण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण से कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

ब्यूरो की लगातार कार्रवाई से यह साफ है कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और तेज होने वाला है। शुरुआती दो महीनों के आंकड़े ही इस दिशा में सख्त रुख का संकेत दे रहे हैं।

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