रांची2 घंटे पहले
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जेबीवीएनएल में जेई की कमी की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, ऊर्जा सचिव सह ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी श्रीनिवासन ने बिजली अफसरों के साथ बैठक की।
दिसंबर तक 3500 पदों पर बहाली होगी, जिसमें कनीय अभियंता, लाइन मैन, स्किल्ड और अनस्किल्ड स्विच बोर्ड ऑपरेटर की बहाली होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर सहमति दे दी है। इसके लिए जल्द ही नियमावली बनाकर बहाली प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने दिया है।
बैठक में रांची सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अप्रैल से लेकर जून तक होने आंधी-पानी से बिजली पोल गिरने की समस्या पर चर्चा हुई। जिसमें तय किया गया कि इससे बचने के लिए अब ट्यूबलर बिजली पोल का इस्तेमाल होगा। बैठक में एमडी जेबीवीएनएल के. श्रीवानिवासन, एमडी संचरण निगम केके. वर्मा, एमडी उत्पादन निगम रंजीत लाल, निदेशक पीके. श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
एक फीडर से 20 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति करनी होगी, नहीं देने पर बताना होगा कारण
बैठक में कहा गया कि प्रत्येक फीडर से 24 घंटे में 20 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति करनी होगी। इससे कम करने पर संबंधित फील्ड के अधिकारियों को मुख्यालय में वजह बतानी होगी। एरिया बोर्ड के मुख्य अभियंता को इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है। एमडी संचरण निगम केके. वर्मा ने बताया कि ड्यूटी से बेवजह अनुपस्थित रहनेवाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।
आंधी-पानी व दुर्घटना में ट्यूबलर पोल ज्यादा कारगर
आंधी-पानी में बिजली पोल गिरने की समस्या से निपटने के लिए अब ट्यूबलर पोल लगाए जाएंगे। ये स्टील के खोखले पाइप होते हैं, जो ऊपर पतले और जमीन में गहराई तक गाड़े जाते हैं, जिससे पकड़ मजबूत रहती है। जिंक कोटिंग (गैल्वेनाइज) होने से जंग नहीं लगता और उम्र 35 से 40 साल होती है। पीसीसी पोल की तुलना में टूटने का खतरा कम और मेंटेनेंस भी कम है। 11 केवी व 33 केवी लाइनों में यह ज्यादा प्रभावी है, जिससे लाइन लॉस, फॉल्ट, ट्रिपिंग व ब्रेकडाउन कम होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई स्थिर होगी। शुरुआती लागत अधिक, पर लंबी अवधि में किफायती है।
अस्पतालों में पावर न कटे, 3 स्रोतों से करें बिजली आपूर्ति
केके वर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य के सभी सदर और अनुमंडल अस्पतालों में दो सोर्स से बिजली आपूर्ति करें। ताकि कहीं भी एक लाइन डिस्टर्ब होने पर दूसरी लाइन से बिजली मिलती रहे। इसके अलावा जेरेडा भी वहां सोलर बिजली की व्यवस्था करे, ताकि हाइब्रिड मोड पर बिजली कभी कटे ही नहीं। अस्पतालों द्वारा लगाये गए जेनरेटर व वायरिंग की नियमित मॉनीटरिंग ऊर्जा विभाग के वर्कर्स डिवीजन की ओर से किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्थिति में अस्पतालों में बिजली नहीं कटनी चाहिए। बिजली की वजह से ऑपरेशन में कोई बाधा नहीं आए।
डीवीसी कमांड एरिया के 50 % क्षेत्र में जेबीवीएनएल का नेटवर्क तैयार
एमडी संचरण निगम केके. वर्मा ने बताया कि डीवीसी कमांड एरिया के 50 प्रतिशत क्षेत्र में जेबीवीएनएल व झारखंड ऊर्जा संचरण निगम का नेटवर्क स्थापित हो गया है। चतरा के हंटरगंज में दो अतिरिक्त सब-स्टेशन बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो सके। इससे पूरे इटखोरी व आसपास के इलाकों में निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। वर्मा ने बताया कि अमरापाड़ा व कुरेडा ग्रिड तैयार हो गया है। जल्द ही मुख्यमंत्री दोनों ग्रिड का उद्घाटन करेंगे।

