दरभंगा में दुर्गा पूजा पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। शहर का हसन चौक एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां नवरंग सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष केरल स्थित ‘दुर्ग वाटिका’ थीम पर पूजा पंडाल का निर्माण कराया
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करीब 50 लाख रुपए की लागत से तैयार यह पंडाल श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। समिति का दावा है कि पंडाल निर्माण में बांस का उपयोग किया गया है। पिछले दो महीने से 40 मजदूर दिन-रात मेहनत कर इसे आकार देने में जुटे रहे।
पूजा समिति के महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 1976 से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जा रही है। हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और अनूठा करने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में इस बार दुर्गा वाटिका की थीम चुनी गई है।

49 वर्षों से पूजा की परंपरा
हसन चौक की दुर्गा पूजा का इतिहास करीब पांच दशक पुराना है। समिति के अनुसार, वर्ष 1976 से यहां लगातार मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। समय के साथ इस पूजा की ख्याति दरभंगा शहर से निकलकर पूरे मिथिलांचल तक पहुंच चुकी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
समिति के महासचिव ने बताया कि वर्ष 2000 से 2019 तक दरभंगा जिला प्रशासन की ओर से पूजा समिति को लगातार प्रथम पुरस्कार मिलता रहा है। हर साल कुछ विशेष आयोजन और नई थीम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है।
10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
समिति के महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि सप्तमी से पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। प्रतिदिन करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं, नवमी के दिन यह संख्या 10 लाख तक पहुंच सकती है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रसाद और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है।
पूजा पंडाल और आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी के लिए 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से दो ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। समिति ने करीब 1000 युवक-युवतियों, महिलाओं और पुरुषों को स्वयंसेवक के रूप में लगाया है। ये स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी असुविधा की स्थिति में तत्काल सहयोग के लिए तैनात रहेंगे।

पूजा-पंडाल में पुलिस अधिकारी।
शुद्ध पेयजल, प्रसाद और अलग-अलग चलंत शौचालय की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति की ओर से शुद्ध पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग चलंत शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। समिति का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी गई है।
समिति के महासचिव ने पंडालों में प्रवेश के लिए शुल्क या पैसे लेकर पास जारी करने की व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हसन चौक पर आने वाले सभी श्रद्धालु निशुल्क दुर्गा वाटिका का आनंद ले सकेंगे और मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। उनके अनुसार, पूजा और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अग्निशमन विभाग ने किया निरीक्षण
दुर्गा पूजा के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग भी सतर्क है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार जिले के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान आयोजकों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है।
पूजा पंडालों में सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने और हैलोजन लाइट नहीं लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके स्थान पर एलईडी लाइट का उपयोग करने को कहा गया है। बिजली के उपकरणों और पंखों को कपड़ों से कम से कम 15 सेंटीमीटर नीचे सुरक्षित तरीके से लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रत्येक 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में पानी से भरी दो बाल्टियां रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आग पर काबू पाने के लिए तत्काल शुरुआती प्रयास किया जा सके।

हर पंडाल में दो फायर वालंटियर, 12-12 घंटे करेंगे ड्यूटी
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रत्येक पूजा पंडाल में दो फायर वालंटियर को चिह्नित किया जा रहा है। ये वालंटियर 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे। विभाग की ओर से उन्हें जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी और अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
संवेदनशील स्थलों पर रहेगी दमकल टीम
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि दरभंगा जिले में 5000 वर्गफीट से बड़े पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया है। इसमें दरभंगा शहर, लहेरियासराय, बेनीपुर, बिरौल और कुशेश्वरस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों के पंडाल शामिल हैं। निरीक्षण अभियान दुर्गा पूजा संपन्न होने तक जारी रहेगा।
जिन स्थलों को संवेदनशील माना जा रहा है और जहां आगजनी या किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका है, वहां अग्निशमन विभाग की टीम और दमकल गाड़ियों को 24 घंटे तैनात रखने की व्यवस्था की जाएगी। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर टीम तत्काल कार्रवाई करेगी।
