Monday, June 8, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

Darbhanga Maa Shyama Mahotsav 2026 Inauguration

कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारभ करते

मिथिला की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित मां श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन आज हुआ। ये दरभंगा राज परिसर स्थित मां श्यामा मंदिर के पास दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य

.

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पहली बार दरभंगा की पावन धरती पर मां श्यामा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र पुराने काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है। दरभंगा राज परिसर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है और मां श्यामा मंदिर की स्थापना तांत्रिक विधि के अनुसार की गई थी। राज परिवार की चिताओं पर स्थापित इस मंदिर की विशेष आध्यात्मिक महिमा है, जिसकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है।

मंच पर उपस्थित अतिथि

मंच पर उपस्थित अतिथि

मिथिला में शैव और शाक्त परंपरा का गहरा प्रभाव

जिलाधिकारी ने कहा कि मिथिला में शैव और शाक्त परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है और यह क्षेत्र दार्शनिक चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। संगीत के क्षेत्र में भी मिथिला का विशेष स्थान रहा है। दरभंगा का ध्रुपद घराना भारत के चार प्रमुख ध्रुपद घरानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

मिथिला की प्रसिद्ध लोक चित्रकला परंपरा आज विश्व स्तर पर सम्मानित है और यह न केवल सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि मिथिला की तांत्रिक चित्रकला अपनी विशिष्ट शैली के माध्यम से अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को भी अभिव्यक्त करती है।

उन्होंने बताया कि मां श्यामा महोत्सव के अंतर्गत कवि गोष्ठी, विद्वत गोष्ठी, चित्रकला कार्यशाला और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से जिला प्रशासन मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वर्तमान समय के अनुरूप संरक्षित और विकसित करने का संदेश देना चाहता है। इस अवसर पर मां श्यामा मंदिर, दरभंगा राज परिवार और दरभंगा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

जिलाधिकारी ने मां श्यामा पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निदेशक दीपेश चंद्र और प्रस्तावक उज्ज्वल कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह फिल्म अत्यंत सूचनाप्रद और प्रासंगिक है। इसमें माधवेश्वर परिसर सहित मिथिला के प्रमुख काली मंदिरों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में तांत्रिक साहित्य के विद्वान डॉ. मित्रनाथ झा द्वारा महाराजा रामेश्वर सिंह और सर जॉन वुडरफ़ के आध्यात्मिक संबंधों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है।

विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र

विधायक संजय सरावगी ने कहा कि मां श्यामा माई मंदिर मिथिला ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि कला और संस्कृति विभाग की और से मां श्यामा महोत्सव के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है और अब यह महोत्सव प्रत्येक साल भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।

मिथिला की धरती सदैव से संस्कृति, अध्यात्म और ज्ञान की भूमि रही है। मां श्यामा माई मंदिर मिथिला की शक्ति और आस्था का प्रतीक है। इस मंदिर का निर्माण दरभंगा राज परिवार के महान शासक महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह द्वारा कराया गया था। उन्होंने कहा कि श्यामा माई महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कृति, एकता और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है।

महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला

न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रो. जयशंकर झा ने मां श्यामा महोत्सव को सरकार से शीघ्र स्वीकृति दिलाने का श्रेय विधायक संजय सरावगी को दिया। वहीं न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. एस.एम. झा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, नजारत उप समाहर्ता पवन कुमार यादव, जिला कला और संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. ए.डी.एन. सिंह, डॉ. रमेश झा, विनोद कुमार, डॉ. मित्रनाथ झा, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. आर.बी. खेतान और पंडित श्यामा ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी समारोह में मौजूद थे।

उद्घाटन समारोह में मां श्यामा मंदिर न्यास समिति के संरक्षक सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जिलाधिकारी कौशल कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.एम. झा, उपाध्यक्ष कमलाकांत झा और प्रो. जयशंकर झा, सह-सचिव प्रो. श्रीपति त्रिपाठी, प्रभारी सह-सचिव मधुबाला सिन्हा, न्यासी सदस्य डॉ. संतोष कुमार पासवान और अरुण गिरी, वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा और मुकेश महासेठ, आयोजन समिति सदस्य उज्ज्वल कुमार, राकेश झा, धर्म कुमार और सचिन राम सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles