रांची21 घंटे पहले
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तीन चरणों में रची गई थी धांधली की पटकथा
जेपीएससी की सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। करीब 100 अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए करोड़ों रुपए वसूले गए थे। गिरफ्तार आरोपियों से सीआईडी की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इन अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए तीन चरणों में काम किया गया।
पहले चरण में पीटी पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपए वसूले गए। वहीं दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में औसत अंक पाने वाले छात्रों के नंबर बढ़वाने के लिए संबंधित परीक्षकों से संपर्क साधा गया। जो अभ्यर्थी ज्यादा सवालों के जवाब नहीं दे पाए, उनकी कॉपी जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर मॉडल उत्तरों के जरिए लिखवाई गई।
यह सनसनीखेज खुलासा होने के बाद सीआईडी अब आरोपियों के बयानों से मिले तथ्यों की पुष्टि में जुट गई है। परीक्षा परिणाम, ओएमआर शीट और मुख्य परीक्षा की मूल उत्तर पुस्तिकाओं का फॉरेंसिक व तकनीकी सत्यापन कराया जा रहा है।
जानिए…पास कराने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपनाए स्ट्रॉन्ग रूम से निकाली गई थी 30 उत्तर पुस्तिकाएं सीआईडी ने टीडीपीएल के कर्मचारी प्रदीप कुमार को 24 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उसने कबूला कि उसने एसीएफ व एफआरओ की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से निकाली थी। कुल 30 कॉपियां निकालकर टीडीपीएल के निदेशक रामबीर को सौंपी थी। इसके बाद इसमें उत्तर लिखवाए गए। फिर इसे वापस स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया गया।
खाली ओएमआर भरने के लिए दिल्ली-लखनऊ से आई थी टीम टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह ने बताया कि एफआरओ परीक्षा के दौरान अभय तिवारी, धर्मेंद्र और आनंद ने 15 अभ्यर्थियों के रोल नंबर दिए थे। इन अभ्यर्थियों से 8 से 10 लाख रुपए में डील हुई थी। ऐसे करीब 50 अभ्यर्थियों का काम कराया गया था। खाली ओएमआर शीट भरने के लिए दिल्ली-लखनऊ से विशेष टीम बुलाई गई थी।
40 अभ्यर्थियों की कॉपियों में पीडीएफ एडिटर से बदले उत्तर टीडीपीएल के एक कर्मचारी संजय कुमार ने बताया कि एफआरओ मुख्य परीक्षा में 25 और एसीएफ मुख्य परीक्षा में 15 अभ्यर्थियों की कॉपियों में पीडीएफ एडिटर टूल से उत्तर बदलकर उन्हें पास कराया गया था। एक अन्य आरोपी उस्मान ने भी करीब 100 अभ्यर्थियों के अनुचित साधनों के जरिए दोनों परीक्षाएं पास कराने की जानकारी दी है।
सीजीएल परीक्षा : दस्तावेज सत्यापन के लिए जेएसएससी ऑफिस पहुंची सीआईडी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले में सीआईडी की टीम शुक्रवार को एक बार फिर नामकुम स्थित जेएसएससी ऑफिस पहुंची। करीब चार घंटे तक कागजातों की जांच की। उधर, शुक्रवार को सीआईडी ने 20 और संदिग्धों से पूछताछ की। अब तक जांच एजेंसी 250 अभ्यर्थियों व संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। इनसे परीक्षा केंद्र, मूल आवास और मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी ली जा रही है। वैसे संदिग्धों का कॉल डिटेल्स भी निकाला जा रहा है, जिनपर सिंडिकेट के संपर्क में रहने का संदेह है।

