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- The Cancellation Of The Tender Resulted In A Loss Of Rs 4.29 Crore In Revenue To The Corporation And Rs 90 Lakh In GST To The Government.
रांची21 घंटे पहले
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7.50 करोड़ में टेंडर होने के बाद रद्द, अब मात्र 3.20 करोड़ की बोली
रांची नगर निगम में एक बार फिर टेंडर का खेल सामने आया है। ताजा मामला कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड के टेंडर से जुड़ा है। इस टेंडर से निगम को फायदा से अधिक नुकसान हो गया। क्योंकि, निगम ने बस स्टैंड के लिए जो टेंडर निकाला था, उसकी ऑनलाइन बोली महज 3,20,80,000 रुपए लगाई गई है।
निगम ने बस स्टैंड के लिए रिजर्व प्राइस 3.20 करोड़ रुपए निर्धारित किया था। इससे महज 80 हजार रुपए अधिक की बोली लगी। एक बार फिर बस स्टैंड के पुराने संचालक ने अधिकतम बोली लगाकर स्टैंड अपने नाम कर लिया। जबकि, पिछले माह निकाले गए टेंडर की ऑनलाइन बोली के दौरान अधिकतम बोली 7.50 करोड़ रुपए लगी थी। इसके बावजूद निगम ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए टेंडर रद्द कर दिया था।
पहला टेंडर रद्द किए जाने से निगम को सीधा 4.29 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। निगम के अलावा जीएसटी का भी नुकसान हुआ। क्योंकि, 7.50 करोड़ की बोली लगाने पर एल वन होने वाली एजेंसी को करीब 1.50 करोड़ रुपए जीएसटी देना पड़ता। अब बोली कम लगने से जीएसटी भी करीब 60 लाख रुपए ही देने होंगे। ऐसे में सरकार को भी करीब 90 लाख रुपए जीएसटी का नुकसान हो गया।
एल वन होने के बाद भी निगम ने रद्द किया था टेंडर खादगढ़ा बस स्टैंड के लिए पिछले माह हुए टेंडर के लिए रात करीब 2 बजे तक बोली लगी थी। इस दौरान अहाब इंटरप्राइजेज नामक कंपनी सबसे अधिक 7.50 करोड़ की बोली लगाकर एल वन हुई थी। जीएसटी व अन्य टैक्स लेकर कंपनी को करीब 9 करोड़ रुपए देने थे। निगम के इतिहास में किसी बस स्टैंड के लिए इतनी बड़ी बोली लगने के बावजूद निगम ने टेंडर रद्द कर दिया था। इससे निगम के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे थे। अब कम बोली लगने से यह साफ हो गया कि ऑनलाइन टेंडर में भी निगम की मर्जी चलती है।


