JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के 24वें दिन झारखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया। सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की।
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साथ ही साल 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराने की घोषणा की गई। कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात यह घोषणा की।
सरकार के फैसले से आंदोलन कर रही छात्र खुश हैं, लेकिन CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। इधर, भूख हड़ताल के 15वें दिन देवेंद्रनाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ दिया है। सोनम वांगचुक ने देर रात छात्र नेता महतो से वीडियो कॉल पर बात की।
वहीं JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने का पास कैंडिडेट्स विरोध कर रहे हैं। सीजीएल के सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुट गए। अभ्यर्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नियुक्ति रद्द करने के फैसले का विरोध किया।
CM बोले- रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच होगी
कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘जब ऑपरेशन हुआ है तो पूरे तरीके से होना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से हमारे नौजवान जयपाल सिंह स्टेडियम में अलग-अलग खेमों में अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं।
मैं उन्हें अलग-अलग खेमा नहीं मानता। पहले हमारे मंत्रियों ने उनके साथ बैठक की। सुझाव लिए। रिफाॅर्म की बात आई। रिफॉर्म में निश्चित रूप से सरकार पारदर्शिता के साथ काम करेगी।
CM हेमंत सोरेन ने कहा-
SIT और CID दोनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए हर बात खुले तौर पर बताना संभव नहीं है। इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है, जिन्होंने अलग-अलग समय पर यहां काम किया है। 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी।

सीएम ने कहा- युवाओं की सबसे बड़ी और अहम मांग JPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी है। हम एक रिटायर्ड जज की देखरेख में इसकी पूरी जांच कराएंगे।

कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद सीएम हेमंत ने घोषणाएं की।
देवेंद्र महतो बोले- सरगना पकड़े जाएं
CM की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच बहुत बारीकी से हो और इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति को पकड़ा जाए। इन गिरोहों के पीछे जो मास्टरमाइंड हैं, उनको पकड़ा जाए।
वहीं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। मौके पर जेएलकेएम विधायक जयराम महतो उपस्थित थे। जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रेम नायक व कुश महतो का अनशन तोड़वाया गया।
इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और उन्हें बधाई दी। सोनम वांगचुक ने छात्रों की उपलब्धि को सकारात्मक कदम बताते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
नोटिफिकेशन के बाद आगे की रणनीति तय करेंगेः छात्र
छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने कहा, “सरकार ने हमसे अपील की ये आंदोलन और अनशन को खत्म करें, लेकिन जो हमारी मांगे CBI संबंधित हैं उस पर सरकार की अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
हमारी CBI से संबंधित जो मांगे है उसे हम अभी भी जारी रखें हुए हैं। कल सरकार की तरफ से जो भी नोटिफिकेशन आएगा उसकी हम स्टडी करेंगे। उसके बाद हम अपने आंदोलन की रणनीति के बारे में बताएंगे। हमारी मांग CBI के लिए अभी है, CBI जांच होनी चाहिए।”

इधर, परीक्षा पास उम्मीदवारों में मायूसी
कैबिनेट की विशेष बैठक के दौरान सीजीएल के सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुट गए। अभ्यर्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नियुक्ति रद्द करने के फैसले का विरोध किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जैसे ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा की, कई अभ्यर्थी रो पड़े और धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अब न्याय के लिए कोर्ट जाएंगे।

JSSC-CGL सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर नारेबाजी करने लगे थे।
रात एक बजे तक अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे रहे। करीब तीन साल चली इस भर्ती प्रक्रिया में 1932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 30 दिसंबर 2025 को मोरहाबादी मैदान में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। आठ महीने बाद नियुक्ति रद्द किए जाने से अभ्यर्थियों में आक्रोश है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि नियुक्ति के बाद बिना अभ्यर्थियों का पक्ष सुने नौकरी रद्द करना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आठ महीने तक अभ्यर्थियों को वेतन भी दिया है। ऐसे में फैसला एकपक्षीय है। अभ्यर्थियों के सामने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने का विकल्प खुला है।

क्या छात्र अब आंदोलन समाप्त कर रहे हैं?
छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने हमारी मांगों को स्वीकार किया है। निर्णय भी लिया है। लेकिन 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। उसमें भी विसंगतियां हैं। ऐसे में हम अभी थोड़ा अध्ययन करना चाहते हैं। चीजों को समझना चाहते हैं। हमने सीबीआई जांच की मांग की है। ऐसे में आपसी सहमति से आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने कहा आंदोलन अभी जारी रहेगा।
किस मुद्दे पर क्या बोले सीएम
टीडीपीएल पर : टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, जारी किए गए रिजल्ट, चयनित उम्मीदवारों की सूची और इससे जुड़ी हर गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
सीजीएल पर : आंदोलन कर रहे युवाओं की प्रमुख मांग जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करना था। उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है।
अन्य परीक्षाओं पर : 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्तियों और उनमें सामने आई गड़बड़ियों की जांच कराई जाएगी। परीक्षाओं में धांधली, संदिग्ध तथ्यों की पारदर्शी जांच के लिए रिटायर्ड जज की अगुआई में जांच टीम गठित होगी।
परीक्षा सुधार पर : आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जो विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से समन्वय कर परीक्षा प्रणाली में सुधार लागू करेगी। एक पोर्टल पहले ही शुरू किया गया है, जिस पर छात्र, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा सुधार के लिए अपने सुझाव साझा कर सकते हैं।
