रांची22 घंटे पहले
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झारखंड में करीब एक सप्ताह से ट्रेजरी डायरेक्टर (निदेशक, कोषागार) का पद खाली पड़ा है। इस महत्वपूर्ण पद के खाली होने से केंद्र सरकार द्वारा ‘एसएनए स्पर्श’ (SNA SPARSH) के माध्यम से भेजी जाने वाली करोड़ों रुपये की केंद्रीय योजना राशि का भुगतान पूरी तरह अटक गया है।
दरअसल, केंद्र से आने वाले इन पैसों के डिजिटल सत्यापन (Verification) के लिए ट्रेजरी डायरेक्टर ही अधिकृत व नामित होते हैं। इस पद पर किसी भी अधिकारी की स्थाई या अस्थाई तैनाती नहीं होने के कारण यह राशि संबंधित अन्य विभागों को ट्रांसफर नहीं की जा पा रही है।
राज्य सरकार ‘एसएनए स्पर्श’ प्रणाली का उपयोग केंद्र सरकार से मिलने वाली विभिन्न योजना राशियों के प्रबंधन और भुगतान के लिए करती है। नियमानुसार, प्रत्येक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के लिए राज्य सरकार का एक विशिष्ट नामित खाता होता है, जिसमें केंद्र से भेजी गई राशि सबसे पहले जमा होती है। ट्रेजरी डायरेक्टर के अभाव में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं की राशि लाभार्थियों (लाभुकों) के खातों तक नहीं पहुँच पा रही है। इसके अलावा, ट्रेजरी निदेशालय द्वारा जिला स्तर के कोषागारों (डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी) के लिए भेजी जाने वाली जरूरी फाइलों का निष्पादन भी पूरी तरह लंबित है।
पेंशन से लेकर घोटाले की जाँच तक… सबकुछ ठप
ट्रेजरी डायरेक्टर का पद रिक्त होने से राजकोषीय और प्रशासनिक कामकाज पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है, जिससे जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
जाँच प्रक्रिया पर असर: ट्रेजरी डायरेक्टर के न रहने से राज्य में चल रही ट्रेजरी घोटाले की जाँच के लिए आवश्यक कई अहम सरकारी दस्तावेज जाँच एजेंसियों को नहीं भेजे जा पा रहे हैं।
अटकीं फाइलें: बजट आवंटन और विभिन्न सरकारी भुगतानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें निदेशालय में ही डंप हो गई हैं।
पेंशन भुगतान पर रोक: चूंकि राज्य के सभी कोषागारों की निगरानी और उनके डिजिटल अप्रूवल (डिजिटल हस्ताक्षर/स्वीकृति) का अंतिम अधिकार ट्रेजरी डायरेक्टर के पास ही होता है, इसलिए सेवामुक्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान सहित कई अन्य वित्तीय कार्य भी लटक गए हैं।
क्यों खाली हुआ पद?मालूम हो कि कार्मिक विभाग ने बीते 12 फरवरी को तत्कालीन ट्रेजरी डायरेक्टर संदीप सिंह को श्रमायुक्त (लेबर कमिश्नर) के पद पर स्थानांतरित कर दिया था। इसके बाद से इस पद पर किसी भी अधिकारी की नियमित पदस्थापना नहीं की गई। संदीप सिंह के तबादले के बाद वित्त विभाग ने आंतरिक व्यवस्था के तहत अपर निदेशक संध्या गुप्ता को ट्रेजरी डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था, लेकिन अब उनके हटने के बाद से यह पद पूरी तरह रिक्त है।

कर्ण सत्यार्थी बन सकते हैं नए डायरेक्टर, वित्त मंत्री के लौटने पर फैसला
ट्रेजरी डायरेक्टर का पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) कैडर के संयुक्त सचिव (Joint Secretary) रैंक का होता है, जिस पर कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा पोस्टिंग की जाती है। हाल ही में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) से लौटकर आए आईएएस अधिकारी कर्ण सत्यार्थी को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
सचिवालय सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग अपने स्तर से ही कर्ण सत्यार्थी को ट्रेजरी डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की तैयारी कर रहा है और इस पर विभाग के भीतर गहन मंथन चल रहा है। चूंकि वित्त मंत्री अभी रांची से बाहर हैं, इसलिए उनके वापस लौटते ही इस संबंध में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा और फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी।


