रांची17 घंटे पहले
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आरोपियों के बयान और टीडीपीएल के कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों के बाद जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीआईडी के अनुसार, पूछताछ में डेटा टेंपरिंग, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं।
उनका पासपोर्ट भी जब्त कर विदेश यात्रा का ब्योरा खंगालना शुरू किया है। शुक्रवार को उन्हें तीसरी बार पूछताछ के लिए तलब किया गया है। उनकी गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
21 जुलाई की शाम दिया था इस्तीफा बताते चलें कि जेपीएससी कार्यालय में 21 जुलाई की शाम सीआईडी और रांची पुलिस की छापेमारी के बाद चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 22 जुलाई को इस्तीफा मंजूर कर लिया था।

पीटी में चयनित अभ्यर्थी के पास नहीं मिली ओएमआर शीट इधर, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने हजारीबाग पुलिस की मदद से एक और अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आरोप है कि उसने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) अनुचित माध्यमों का इस्तेमाल कर पास की थी। पूछताछ में उसने यह बात स्वीकार भी कर ली। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या-16/2026 के तहत की गई है।
अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण करने की बात स्वीकार की गिरफ्तारी के दौरान सुमन सौरभ के पास से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी नहीं मिली। सीआईडी का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण करने की बात स्वीकार की है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सीआईडी को सबसे अहम सबूत परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय से मिला।
एजेंसी के दफ्तर से जब्त कंप्यूटर की फोरेंसिक जांच में पता चला कि उसमें जेपीएससी पीटी परीक्षा के प्रश्न और उत्तर पहले से स्टोर थे। ओएमआर शीट भी वहां से मिली। इससे संकेत मिलता है कि परीक्षा में सुनियोजित तरीके से सेटिंग और धांधली की तैयारी की गई थी।

छठे दिन भी आठ आरोपियों से घंटों हुई पूछताछ वहीं, सीआईडी मुख्यालय में गुरुवार को लगातार छठे दिन आठ आरोपियों से पूछताछ जारी रही। इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान व मो. एबाद तथा टीडीपीएल के कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार शामिल हैं।
बुधवार को रिमांड पर लिए गए तीन अन्य आरोपियों से भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों का आरोपियों के बयानों से मिलान कर रही है।


