लिट्टीपाड़ा प्रखंड में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लिट्टीपाड़ा गांव और तालपहाड़ी में पूजा पंडाल सजाए जा रहे हैं। सप्तमी से दशमी तक दोनों जगहों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। पूजा समितियों की ओर से आयोजन को लेकर तैयार
.

दुर्गा पूजा के दौरान आसपास के गांवों के अलावा पहाड़ और जंगलों में रहने वाले पहाड़िया तथा अन्य आदिवासी समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान आसपास के गांवों के अलावा पहाड़ और जंगलों में रहने वाले पहाड़िया तथा अन्य आदिवासी समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों के साथ पहुंचने वाले लोग नृत्य कर उत्सव में शामिल होते हैं। इससे पूजा के दौरान क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बनता है। दोनों स्थानों पर पूजा के साथ मेले और अन्य कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है।
लिट्टीपाड़ा में 1930 से हो रही पूजा
लिट्टीपाड़ा गांव में श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य आयोजन किया जा रहा है। दुर्गा मंदिर के पास विशाल पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष निपेन मंडल सहित विष्णु मंडल और सागर मंडल ने बताया कि यहां वर्ष 1930 से दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है।
इस वर्ष पूजा पर करीब तीन से चार लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। मां दुर्गा की प्रतिमा शिवपूजन तुरी पिछले 35 वर्षों से बना रहे हैं। नवरात्र की सप्तमी को कलश स्थापना की जाएगी। इससे पहले कलश यात्रा निकाली जाएगी और पुरोहित विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएंगे। नवमी को पाठा बलि की परंपरा निभाई जाएगी।

इस वर्ष पूजा पर करीब तीन से चार लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
मंदिर के आसपास मेला भी लगेगा। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर पहले खपड़ैल और मिट्टी से बना था। वर्ष 1990 के बाद ग्रामीणों के सहयोग से इसका दोबारा निर्माण कराया गया। पूजा की तैयारियों में अध्यक्ष निपेन मंडल, भूमिक मंडल, विष्णु मंडल, सागर मंडल, विनय मंडल, सुमन मंडल, भुदेव मंडल सहित ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
23 अक्टूबर को मेला, रात में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन
लिट्टीपाड़ा में दशमी पूजा के बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मेले का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन रात में श्रद्धालु नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई देंगे और प्रतिमा का बड़ा तालाब में विसर्जन किया जाएगा। मेले में आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पूजा समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की जिम्मेदारी आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की होगी। प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पूजा और मेले के दौरान व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।

प्रखंड के तालपहाड़ी में पिछले चार वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
तालपहाड़ी में चार साल से हो रही पूजा
प्रखंड के तालपहाड़ी में पिछले चार वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यहां षष्ठी के दिन पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है और भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है। पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहती है।
बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, जिससे धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। यहां 21 अक्टूबर, बुधवार को मेले का आयोजन निर्धारित है।
पूजा समिति की ओर से भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहेगा। समिति का कहना है कि पूजा प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित की जाएगी।
