मुजफ्फरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नीट (NEET) परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पुलिस ने चार और आ
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किराए के मकान से शुरू हुआ था खुलासा
एसएसपी ने बताया कि पुलिस को 2 जून 2026 को गुप्त सूचना मिली थी। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट वार्ड-17 स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के पास एक किराए के मकान में नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के जरिए बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी कर पुलिस ने जजुआर थाना क्षेत्र निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया था। उसके पास से चार मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया गया था। मामले में सिकंदरपुर थाना कांड संख्या-108/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक नगर-1 के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में जिला आसूचना इकाई और सिकंदरपुर थाना पुलिस को भी शामिल किया गया।
गठित टीम ने मानवीय और तकनीकी सूचना के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया। इसी क्रम में 13 जून को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
टेलीग्राम पर फर्जी पेपर भेजने का देते थे झांसा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले ऑनलाइन माध्यम से 9 अलग-अलग बैंक खातों में रकम मंगाई जाती थी। ठगी से प्राप्त राशि को मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाया जाता था।
मोबाइल जब्त, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार गिरोह के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

