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NIFT से ट्रेनिंग पाकर स्वावलंबी बनी जीविका दीदियां:गिरिराज सिंह ने 75 दीदियों को बांटे प्रमाण-पत्र, बेगसूराय में जीविका समूह को 4500 करोड़ का कर्ज मिला


बेगूसराय की जीविका दीदियों को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। निफ्ट (NIFT) के बेगूसराय एक्सटेंशन सेंटर में तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली 75 जीविका दीदियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मंगलवार को बेगूसराय स्थित निफ्ट एक्सटेंशन सेंटर के सभागार में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सभी प्रशिक्षणार्थी जीविका दीदियों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में जीविका एवं निफ्ट के अधिकारी उपस्थित थे। प्रमाण-पत्र प्राप्त करते समय दीदियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट झलक रहा था। बेगूसराय में स्थापित की जा रही बिड़ला समूह की गारमेंट यूनिट मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संकल्प महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। बेगूसराय में बिड़ला समूह द्वारा बड़ी गारमेंट यूनिट स्थापित की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए निफ्ट के माध्यम से जीविका दीदियों को वस्त्र निर्माण का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने वाली दीदियों को इस यूनिट में नौकरी का अवसर मिलेगा। सरकार और जीविका मिलकर महिलाओं को एक साथ काम करने के लिए स्थान और संसाधन उपलब्ध करा रही हैं, जिससे वे समूह में रहकर बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सकें। बेगूसराय को एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। ‘देश भर में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है’ विभिन्न सरकारी विभागों के माध्यम से आसपास के 4 जिलों के जीविका कार्यों को बेगूसराय से संचालित किया जा रहा है। देश भर में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। अकेले बेगूसराय जिले में करीब 2 लाख दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। पशुपालन, खेती, सिलाई और छोटे-बड़े व्यापार के जरिए अपनी आजीविका चला रही हैं। जिले में बैंकों के माध्यम से जीविका समूहों को करीब 4500 करोड़ रुपये का ऋण मिला है। इतने बड़े पैमाने पर ऋण के बावजूद जीविका का एनपीए (NPA) मात्र 0.19% है। यह महिलाओं की वित्तीय ईमानदारी और प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है। सिलाई एवं दुकानों के अलावा बेगूसराय में जीविका के माध्यम से प्रतिमाह 400 टन नमक की आपूर्ति जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) अविनाश कुमार ने कहा कि NIFT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से प्राप्त प्रशिक्षण से दीदियों के हुनर में निखार आया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बरौनी BPM मोनिका ने कहा कि महिलाओं की यह उपलब्धि जिले की अन्य जीविका दीदियों के लिए प्रेरणादायी है, वे समावेशी विकास की नींव रख रही है।

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