Top 5 This Week

Related Posts

Politics:सीएम ममता ने Ec पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- Sir के दौरान भाजपा की मदद के लिए काटे गए मतदाताओं के नाम – Bengal Politics Cm Mamata Allegations Against Ec Voters Name Deleted During Sir To Help Bjp Hindi Updates

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। दक्षिण 24 परगना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। इसके कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में जवाबी हमला करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगाए। राज्य में अब चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

अमित शाह ने अपनी रैली में ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और दावा किया कि इस बार चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है। भाजपा नेताओं ने कहा कि परिवर्तन यात्रा राज्य में राजनीतिक बदलाव लाने के लिए निकाली गई है। रैली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राज्य सरकार को कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर घेरा।

मतदाता सूची को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में असली मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की गई। ममता बनर्जी ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

ये भी पढ़ें- ईरान-इस्राइल युद्ध का असर: दिल्ली में फंसे पत्रकार ने सुनाई व्यथा, भारतीय ने बढ़ाए मदद के हाथ; वीडियो वायरल

भवानीपुर सीट का दिया उदाहरण

ममता बनर्जी ने कहा कि उनके खुद के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी वोटर बचा रहेगा तो भी वह चुनाव जीत जाएंगी। मुख्यमंत्री ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाते हुए कहा कि यह बंगाल में भाजपा की आखिरी राजनीतिक यात्रा साबित होगी।

मतदाता सूची में बड़े बदलाव से बढ़ी सियासत

राज्य में जारी विशेष पुनरीक्षण के बाद लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं की पात्रता जांच के दायरे में रखी गई है। इसे लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। एक तरफ भाजपा इसे चुनाव प्रक्रिया की सफाई बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। चुनाव नजदीक आते ही बंगाल की राजनीति और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।

अन्य वीडियो-



Spread the love

Popular Articles