Friday, May 22, 2026

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RIMS-2 will be built in Kanke only, administrative approval of Rs 4149 crore received

रांची20 घंटे पहले

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राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने वाला है। विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने छह अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 5917 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के लागू होने से रिम्स पर मरीजों का दबाव कम होगा। साथ ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत भी कम होगी। प्रस्तावित योजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना रिम्स-2 की है, जिसके लिए 4149 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। प्रस्तावित रिम्स-2 अस्पताल 2800 बेड का होगा।

स्वास्थ्य विभाग इन प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजेगा। कैबिनेट के अप्रूवल के बाद काम शुरू होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 4 करोड़ की आबादी वाले राज्य में अभी केवल 10 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें सात सरकारी और तीन निजी क्षेत्र के हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुसार हर 10 लाख की आबादी पर एक मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। इस हिसाब से राज्य में 40 मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए केवल 246 सीटें और सुपर स्पेशलिटी के लिए महज 41 सीटें हैं, जो काफी कम हैं। वर्तमान में हर साल करीब 1.20 लाख मरीज बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। इससे मरीजों और उनके परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मेडिको सिटी स्थापित करने की भी योजना बनाई गई है।

1960 में हुई थी रिम्स (पहले आरएमसीएच) की स्थापना

रिम्स (पहले आरएमसीएच) की स्थापना 1960 में हुई थी। यहां अभी 1500 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल संचालित है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण रिम्स की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 3500 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सभी को सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। रांची सदर अस्पताल परिसर में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 11 करोड़ रुपए की योजना को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में बढ़ते मरीजों को देखते हुए सदर अस्पताल में कैथ लैब बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है।

रिम्स-2 में एमबीबीएस और पीजी की होंगी 200-200 सीटें

प्रस्तावित रिम्स-2 को 2800 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें एमबीबीएस की 200 सीटें, पीजी मेडिकल की 200 सीटें और सुपर स्पेशलिटी की 200 सीटें होंगी। जानकारी के अनुसार रांची डीसी की ओर से प्रस्तावित रिम्स-2 के लिए 120 एकड़ भूमि की बाउंड्री कराई गई है। शेष जमीन रिंग रोड और पतरातू रोड के किनारे चिन्हित की जा रही है। इसके अलावा आईआईएम रांची के लिए प्रस्तावित 77 एकड़ जमीन रिम्स-2 के लिए स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर की जाएगी। अतिरिक्त 100 एकड़ जमीन कांके अंचल के मौजा हुसीर-नगड़ी से अधिग्रहित की जाएगी।

284 करोड़ रुपए से बनेगी मेडिको सिटी… राज्य में एक मेडिको सिटी बनाने की भी योजना है, जिस पर करीब 284 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं के लिए आईआईएम रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक्सआईएसएस रांची को इंपैक्ट असेसमेंट के लिए मनोनयन के आधार पर कार्य आवंटित किया जाएगा।

धनबाद व जमशेदपुर में भी विस्तार… जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज को 500 बेड वाले अस्पताल में विकसित करने के लिए भवन निर्माण और अन्य आधारभूत संरचना तैयार करने हेतु 542 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने के लिए 394 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने और नए पीजी विषय शुरू करने के लिए बड़े आधारभूत ढांचे के निर्माण हेतु 495 करोड़ रुपए की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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