Saturday, October 3, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

Watch Video: जमुई के चकाई में आकार ले रही 2500 करोड़ की औद्योगिक क्रांति, इथेनॉल प्लांट के साथ बनेगा स्टील हब

CM Samrat Choudhary Jamui Visit: बिहार का जमुई जिला और उसका चकाई इलाका, जिसे अक्सर लोग सिर्फ शांत वादियों और दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों के रूप में जानते थे, अब औद्योगिक क्रांति की एक नई इबारत लिखने जा रहा है. कल तक जहां रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन नियति बन चुका था, वहां अब ऐसी विशाल फैक्ट्रियां आकार ले रही हैं जो न सिर्फ बिहार बल्कि दुनिया के मानचित्र पर इस इलाके को नई पहचान दिलाएंगी.

उरवा गांव में जब विशालकाय क्रेन और दिन-रात पसीना बहाते दो हजार से ज्यादा मजदूरों की खट-पट सुनाई देती है, तो समझ आता है कि यहां बदलाव की नींव कितनी मजबूत रखी जा चुकी है. इसी बदलते मंजर का जायजा लेने पहुंचे सम्राट चौधरी ने चकाई को एशिया का प्रमुख औद्योगिक केंद्र और स्टील हब बनाने का ऐसा विजन सामने रखा है, जिसने स्थानीय लोगों के दिलों में उम्मीद की नई किरण जगा दी है.

एशिया का सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट, 105 एकड़ में आकार ले रहा सपना

उरवा गांव के 105 एकड़ के विशाल भूभाग पर अंकुर बायो केम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन यह प्रोजेक्ट कोई मामूली फैक्ट्री नहीं है. यह एशिया का सबसे बड़ा अनाज आधारित इथेनॉल प्लांट बनने जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 2500 करोड़ रुपये है. इस महात्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति का जायजा लेने जब सम्राट चौधरी खुद पहुंचे, तो उन्होंने निर्माण कार्य की गति देखकर अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन की सराहना की.

बैटरी चालित खुले वाहन में सवार होकर उन्होंने पूरे परिसर का मुआयना किया और आधारभूत संरचना से लेकर उत्पादन प्रक्रिया तक की बारीकियों को समझा. कंपनी प्रबंधन ने उन्हें आश्वस्त किया कि मार्च 2027 तक इस प्लांट से व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा.

प्रतिदिन एक लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन, स्थानीय अर्थव्यवस्था में आएगा उफान

किसी भी इलाके में जब इतना बड़ा प्रोजेक्ट आता है, तो उसका सीधा असर वहां के आम नागरिक के जीवन पर पड़ता है. जब यह प्लांट अपनी पूर्ण क्षमता से काम करना शुरू करेगा, तब यहां प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन होगा. लेकिन आंकड़े केवल इथेनॉल तक सीमित नहीं हैं, असली कहानी उन दो हजार से अधिक श्रमिकों की है जो फिलहाल इसके निर्माण में दिन-रात जुटे हैं.

प्लांट शुरू होने के बाद स्थानीय किसानों को अपने अनाज का सही और पारदर्शी मूल्य मिलेगा, जबकि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर हासिल होंगे. जो युवा कल तक आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर रुख करने को मजबूर थे, उनके लिए अपने ही घर के पास रोजगार के दरवाजे खुलेंगे.

इथेनॉल से आगे की सोच, अब चकाई को स्टील हब बनाने की तैयारी

इस दौरे के दौरान सबसे चौंकाने वाली और दूरगामी घोषणा चकाई को स्टील हब के रूप में विकसित करने को लेकर रही. सरकार का मानना है कि जमुई और चकाई के आसपास की जमीन और प्राकृतिक संसाधन भारी उद्योगों के लिए बेहद मुफीद हैं. इसी वजह से क्षेत्र में उपलब्ध भूमि और संसाधनों का लगातार तकनीकी अध्ययन कराया जा रहा है.

अगर चकाई में स्टील इंडस्ट्री के लिए अनुकूल माहौल विकसित किया जाता है, तो यह इलाका सिर्फ इथेनॉल ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख धातुकर्म और औद्योगिक केंद्रों में शुमार हो जाएगा. इससे आधारभूत संरचना, सड़कों का जाल, ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे.

विकास की इस नई बयार से बदलेगी जमुई की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर

औद्योगिक विस्तार का यह दौर सिर्फ बड़ी मशीनों और चिमनियों का धुआं नहीं है, बल्कि यह चकाई की सामाजिक तस्वीर बदलने का माध्यम है. जब उरवा जैसे दूरस्थ गांव में 2500 करोड़ रुपये का निवेश उतरता है, तो स्थानीय दुकानों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र को नया जीवन मिलता है.

कंपनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एमडी महेंद्र शर्मा, अभिषेक शर्मा और हर्षिता शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया. इस मौके पर मंत्री श्रेयसी सिंह, दामोदर रावत, एमएलसी विजय सिंह, सुमित कुमार सिंह, विधायक सावित्री देवी, संजय प्रसाद और कमल कांत दान समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जो इस बात का प्रमाण है कि इस औद्योगिक क्रांति को लेकर पूरा प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचा एक साथ खड़ा है.

CM Samrat Choudhary Jamui Visit: मार्च 2027 की डेडलाइन

अब सबसे बड़ा सवाल समयसीमा और प्रशासनिक तत्परता का है. विशालकाय परियोजनाओं में समय पर काम पूरा होना ही उनकी सफलता की असली कसौटी होती है. कंपनी और सरकार दोनों ने ही मार्च 2027 की डेडलाइन तय की है. आने वाले महीनों में बुनियादी सुविधाओं, जैसे निर्बाध बिजली आपूर्ति, चौड़ी सड़कों और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी.

अगर यह गति इसी तरह बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब चकाई का नाम देश-दुनिया के बड़े औद्योगिक नक्शे पर गर्व से चमकेगा और बिहार के औद्योगिक विकास की एक नई मिसाल कायम करेगा.

Also Read: अनप्रेडिक्टेबल चिराग: बॉलीवुड के फ्लॉप हीरो से लेकर दिल्ली-पटना के सबसे सस्पेंसफुल खिलाड़ी तक की पूरी कहानी

Also Read: मुजफ्फरपुर की जीविका दीदियों का बैग मॉडल क्यों अपनाना चाहता है झारखंड? दूसरी बार बिहार पहुंची टीम

The post Watch Video: जमुई के चकाई में आकार ले रही 2500 करोड़ की औद्योगिक क्रांति, इथेनॉल प्लांट के साथ बनेगा स्टील हब appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles