शेखपुरा में अग्निशमन केंद्र द्वारा स्कूली बच्चों, स्वास्थ्य कर्मियों और रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आग से होने वाले नुकसान को कम करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में मंगलवार को बरबीघा शहर के विभिन्न स्कूलों और निजी नर्सिंग होम में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आग से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर भी रेलवे कर्मियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आग से बचाव के तरीकों की दी जानकारी इन कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ रेलवे कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। मुख्य सब अग्नि पदाधिकारी सौरभ कुमार, प्रणव आनंद, पंकज कुमार, रामपाल कुमार और जीवन कुमार के नेतृत्व में यह जागरूकता सह मॉक ड्रिल कार्यक्रम चलाया गया। विद्यालयों में प्रधानाध्यापक, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे, जबकि निजी नर्सिंग होम में कार्यरत कर्मी मौजूद थे। रेलवे स्टेशन पर एलईडी के माध्यम से आग से बचाव की जानकारी दी गई। ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ की दी जानकारी अग्निशमन अधिकारियों ने छात्रों को गैस और बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग पर तुरंत काबू पाने के बारे में विशेष रूप से बताया। उन्हें विभिन्न प्रकार की आग से बचाव के लिए ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ की विस्तृत जानकारी दी गई। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के दिनों में अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आग की घटना से बचाव के लिए टोल फ्री नंबर 101 और 112 पर संपर्क करने की सलाह दी। जिला अग्निशमन केंद्र के पास प्रशिक्षित मानव संसाधन और आग पर काबू पाने के लिए छोटे-बड़े वाहन उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आग से बचाव और उसके फैलाव को रोकने से पहले स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। अग्निशमन विभाग लोगों की सेवा में सदैव तत्पर है।
अग्निशमन केंद्र का आग से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल:शेखपुरा के स्कूलों-अस्पतालों और रेलवे स्टेशन पर आयोजित, 'क्या करें' और 'क्या न करें' की दी जानकारी
शेखपुरा में अग्निशमन केंद्र द्वारा स्कूली बच्चों, स्वास्थ्य कर्मियों और रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आग से होने वाले नुकसान को कम करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में मंगलवार को बरबीघा शहर के विभिन्न स्कूलों और निजी नर्सिंग होम में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आग से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर भी रेलवे कर्मियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आग से बचाव के तरीकों की दी जानकारी इन कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ रेलवे कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। मुख्य सब अग्नि पदाधिकारी सौरभ कुमार, प्रणव आनंद, पंकज कुमार, रामपाल कुमार और जीवन कुमार के नेतृत्व में यह जागरूकता सह मॉक ड्रिल कार्यक्रम चलाया गया। विद्यालयों में प्रधानाध्यापक, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे, जबकि निजी नर्सिंग होम में कार्यरत कर्मी मौजूद थे। रेलवे स्टेशन पर एलईडी के माध्यम से आग से बचाव की जानकारी दी गई। ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ की दी जानकारी अग्निशमन अधिकारियों ने छात्रों को गैस और बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग पर तुरंत काबू पाने के बारे में विशेष रूप से बताया। उन्हें विभिन्न प्रकार की आग से बचाव के लिए ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ की विस्तृत जानकारी दी गई। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के दिनों में अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आग की घटना से बचाव के लिए टोल फ्री नंबर 101 और 112 पर संपर्क करने की सलाह दी। जिला अग्निशमन केंद्र के पास प्रशिक्षित मानव संसाधन और आग पर काबू पाने के लिए छोटे-बड़े वाहन उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आग से बचाव और उसके फैलाव को रोकने से पहले स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। अग्निशमन विभाग लोगों की सेवा में सदैव तत्पर है।

