राजनीतिक दल महिलाओं को सिर्फ वोट का हिस्सा न समझें। बल्कि उनके हक को भी अपने एजेंडे में शामिल करें। उनको सरकार से समानता, सुरक्षा व सम्मान की अपेक्षा है। ये मिले तो उनकी हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़…
राजनीतिक दल महिलाओं को सिर्फ वोट का हिस्सा न समझें। बल्कि उनके हक को भी अपने एजेंडे में शामिल करें। उनको सरकार से समानता, सुरक्षा व सम्मान की अपेक्षा है। ये मिले तो उनकी हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ जाएगी और उनका देश के विकास में भी पूर्ण सहयोग बढ़ जाएगा। उन्होंने अपील की कि सब मतदान करें, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।
नगवां स्थित तुलसी विद्या निकेतन स्कूल परिसर स्थित डॉ. भारती मिश्रा के आवास पर रविवार को आयोजित चाय चौपाल में प्रबुद्ध महिलाओं ने विचार रखीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास में सुरक्षा सबसे बड़ा रोड़ा है। अगर उनको हर स्तर पर सुरक्षा मिले तो वह स्वतंत्र होकर काम कर सकती हैं। महिलाओं को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझना होगा। उन्होंने सरकारी योजनाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने, नि:शुल्क स्वास्थ्य, शिक्षा देने के अलावा महिलाओं के लिए बने कानून सख्त करने पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. अनुराधा उपाध्याय, शारिका पाण्डेय, रेखा विश्वकर्मा, ज्योति, रंजना ओझा, विभा पाण्डेय, साधना मिश्रा, प्रियंका ओझा, अनुपमा पाण्डेय, उमा दुबे, कंचन सिंह, अनिता त्रिपाठी, ममता पाठक, अंजना सिंह, अर्चना, आनंदिता तिवारी, ज्योत्सना मिश्रा, मधु पाण्डेय, आचल बोहना आदि रहीं।
आरक्षण से बढ़ेगी भागीदारी
महिलाओं को आरक्षण मिलनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि उनको आरक्षण मिलेगा, तभी राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़गी और संसद में उनकी उपस्थिति दिखेगी।
मिले रोजगार
शिक्षित व गरीब महिलाओं को रोजागार मिलनी चाहिए, ताकि वह स्वावलंबी बन सकें। इसके लिए सरकार को अलग से व्यवस्था करनी चाहिए।
महिलाओं ने पर्यावरण पर दिया जोर
महिलाओं ने पर्यारवण संरक्षण के लिए खुद आगे आने की पहल की। उन्होंने कहा कि हर महिलाओं को अपने आसपास पौधारोपण करना चाहिए। सरकार भी इसके सरंक्षण के अनुसार ही कोई योजनाएं बनाए।
बोलीं महिलाएं
सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास करे। शिक्षित व गरीब महिलाओं को स्वरोजगार मिले, ताकि वह सशक्त हो सकें।
संगीता सिंह
महिलाओं में जागरूक आई है। वह सामाजिक व राजनीतिक सहित हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती हैं। इसके लिए सरकार का सहयोग मिलनी चाहिए।
डॉ. भारती मिश्रा
महिलाओं की सुरक्षा सरकार सुनिश्चित करे। इसकी वजह से उनके कार्य में बांधा आती है। वह कई क्षेत्र में इसलिए काम नहीं करना चाहती हैं कि वहां सुरक्षा नहीं है।
सुनीति शुक्ला
महिलाओं को आरक्षण मिलनी चाहिए। उनको आधी आबादी माना जाता है तो उनको 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं मिलनी चाहिए?
डॉ. मंजूलता त्रिपाठी
महिलाएं राजनीति में कैसे आगे आएं। इसके लिए राजनीतिक दलों का उनको सहयोग मिलना चाहिए। अगर महिलाएं आगे आएंगी तो वह महिलाओं की जरुरतों को अच्छी तरह उठाएंगी।
डॉ. शारदा सिंह
महिलाओं को कमजोर न समझा जाए। वह कुछ भी करने को तैयार हैं। सरकार उनको समानता के साथ सम्मान दे। उनके लिए बने कानून का सही से पालन करे।
डॉ. अलका दुबे
महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके हर मुद्दे को नेता मजबूती से उठाएं। उसे संसद में पास करवाएं। तभी उनकी महिलाओं के प्रति सहयोग माना जा सकता हैं।
भारती कुशवाहा
लड़कियों के साथ भेदभाव सही नहीं है। वह हर कार्य को कर सकती हैं। परिवार के लोगों को बेटा व बेटी में भेद नहीं करनी चाहिए।
अंजली महलके
सभी को मतदान करने का अधिकार है। इसका प्रयोग हमें किसी के दबाव में नहीं करनी चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार पर ध्यान देने की जरुरत है।
डॉ. उतरा चक्रवर्ती
सरकार हर तरह की योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाए। ताकि उनको ज्यादा लाभ मिल सके। उनका विकास हो।
शाम्भवी त्रिपाठी


