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बांका में प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में लापरवाही बरतने पर बांका जिला प्रशासन ने रोजगार सेवक-सह-सर्वेयर सिकंदर दास के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। उप विकास आयुक्त ने उनके संचयी प्रभाव से तीन वार्षिक मानदेय वृद्धि पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मामला चांदन प्रखंड के सुरंगी गांव के 10 आवेदकों से जुड़ा है, जिन्होंने पात्र होने के बावजूद आवास योजना की सर्वे सूची में नाम शामिल नहीं किए जाने की शिकायत की थी। 10 आवेदकों की शिकायत पर हुई जांच मामला बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित द्वितीय अपीलीय सुनवाई के दौरान सामने आया। सुरंगी गांव के 10 आवेदकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और सर्वे सूची में नाम शामिल नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए चांदन के प्रखंड विकास पदाधिकारी से मामले की जांच कराई गई। आवास प्लस सर्वे 2.0 में मिली लापरवाही जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत कुसुमजोरी के रोजगार सेवक-सह-सर्वेयर सिकंदर दास ने आवास प्लस सर्वे 2.0 के दौरान लापरवाही बरती थी। इसके कारण पात्र लाभुकों के नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं हो सके और वे सरकारी योजना के लाभ से वंचित रह गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उप विकास आयुक्त ने संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की। तीन वार्षिक मानदेय वृद्धि पर संचयी रोक प्रशासन ने सिकंदर दास की तीन वार्षिक मानदेय वृद्धि पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लापरवाही पर प्रशासन का सख्त संदेश जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और पात्र लाभुकों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों की शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा करने तथा पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
आवास-योजना के सर्वेयर की 3 सालाना वेतन वृद्धि पर रोक:बांका में पात्रों के नाम छूटे; जांच में लापरवाही पर DDC ने की कार्रवाई
