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जिले में दुर्गा पूजा का त्योहार आपसी सौहार्द, शांतिपूर्ण और हर्षोल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा का कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से किया गया। मुख्यालय में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बनाए गए पूजा पंडालों में विराजीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी धूमधाम से भक्तिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। आचार्यों द्वारा पूरे विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक पाठ और पूजन किया गया। भक्तों की भीड़ से गुमला गुलजार रहा। हर तरफ रंग-बिरंगी लाइटिंग ने मन मोहा। कहीं चलंत प्रतिमाओं का प्रदर्शन हुआ। कहीं भव्य पंडाल देख भक्तों ने अपने शीश झुकाए। दुर्गा पूजा का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया। पूजा के दौरान आवश्यक एहतियात बरतने का निर्देश दिया। प्रशासनिक पदाधिकारियों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा का निरीक्षण किया। सुख और समृद्धि की कामना की। राजनीतिक दलों के लोग भी पंडालों में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे। नवमी की रात आस्था में कमी नहीं दिखी। बड़ी संख्या में लोग मां के द्वार तक पहुंचे। दशहरा के मौके पर मंगलवार को विभिन्न पूजा समितियों के आयोजकों ने मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठित प्रतिमाओं का विसर्जन किया। यह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अलग-अलग जलाशयों में किया गया। इस दौरान प्रशासन की तरफ से आवश्यक व्यवस्था की गई थी। धार्मिक गीतों के साथ मां की प्रतिमा को नम आंखों से विसर्जित किया गया। आशीष दे मां विदा हुईं। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरा माहौल मां दुर्गा की भक्ति से लबरेज रहा।
पूजा समिति के लोगों ने बताया कि इस बार प्रशासनिक स्तर पर बेहतर इंतजाम किए गए थे। लेकिन सड़कों की दुर्दशा सुधारने और बिजली के झुके तारों को दुरुस्त करने में प्रशासन फेल रहा। श्री बड़ा दुर्गा मंदिर समिति के सचिव रमेश कुमार ने कहा कि रोड और बिजली तार के कारण परेशानी हुई। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद दिखा। एसपी के निर्देश पर जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात थी।
आशीष दे मां हुई विदा, भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा गुमला, रंग-बिरंगी लाइटों ने मोहा मन
