झारखंड सरकार उद्योगपतियों के सुझाव के अनुरूप उद्योग नीति बनाएगी। इसके लिए अगले माह दिल्ली में स्टेक होल्डर्स मीटिंग और आउटरीच प्रोग्राम होगा। इसमें विदेशी निवेशक और देश के नामी-गिरामी औद्योगिक घराने के लोग शामिल होंगे। इसमें राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही नई औद्योगिक नीति और वर्तमान में लागू विभिन्न नीतियों में उनके कारगर सुझाव को शामिल किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक उद्योग विभाग की छह पॉलिसी में बदलाव करने की रूपरेखा तैयार हो रही है। जिन पॉलिसी में बदलाव होगा, उसमें औद्योगिक व निवेश संवर्धन नीति, निर्यात नीति, खाद्य प्रसंस्करण नीति, ईवी पॉलिसी, टेक्सटाइल्स पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी शामिल हैं। अध्ययन यात्रा से सामने आए सुझावों के बाद विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने यह उठाया कदम है। इसके साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए राज्य उद्योग विभाग में एक विशेष कोषांग बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। बहरहाल राज्य में औद्योगिक विकास और विदेशी पूंजी निवेश के लिए देश के अन्य राज्यों लागू नीतियों से बेहतर और आकर्षक पॉलिसी तैयार करने की योजना है। ये कंपनियां बैठक में शामिल होंगी सरकार आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर,आईबीएम इंडिया, कैपजेमिनी इंडिया के साथ कई विषयों पर मंथन करेगी। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया,जेएसडब्ल्यू स्टील,अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज के लोग भी बैठक में शामिल होंगे।
उद्योगपतियों के सुझाव के अनुरूप बनेगी झारखंड में नई उद्योग नीति
झारखंड सरकार उद्योगपतियों के सुझाव के अनुरूप उद्योग नीति बनाएगी। इसके लिए अगले माह दिल्ली में स्टेक होल्डर्स मीटिंग और आउटरीच प्रोग्राम होगा। इसमें विदेशी निवेशक और देश के नामी-गिरामी औद्योगिक घराने के लोग शामिल होंगे। इसमें राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही नई औद्योगिक नीति और वर्तमान में लागू विभिन्न नीतियों में उनके कारगर सुझाव को शामिल किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक उद्योग विभाग की छह पॉलिसी में बदलाव करने की रूपरेखा तैयार हो रही है। जिन पॉलिसी में बदलाव होगा, उसमें औद्योगिक व निवेश संवर्धन नीति, निर्यात नीति, खाद्य प्रसंस्करण नीति, ईवी पॉलिसी, टेक्सटाइल्स पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी शामिल हैं। अध्ययन यात्रा से सामने आए सुझावों के बाद विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने यह उठाया कदम है। इसके साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए राज्य उद्योग विभाग में एक विशेष कोषांग बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। बहरहाल राज्य में औद्योगिक विकास और विदेशी पूंजी निवेश के लिए देश के अन्य राज्यों लागू नीतियों से बेहतर और आकर्षक पॉलिसी तैयार करने की योजना है। ये कंपनियां बैठक में शामिल होंगी सरकार आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर,आईबीएम इंडिया, कैपजेमिनी इंडिया के साथ कई विषयों पर मंथन करेगी। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया,जेएसडब्ल्यू स्टील,अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज के लोग भी बैठक में शामिल होंगे।

