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ओडिशा में बिहार के 59 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू:मदरसे में दाखिला के नाम पर मानव तस्करी, अररिया CWC को भेजा गया लिस्ट


ओडिशा के कटक रेलवे स्टेशन पर RPF ने मानव तस्करी की आशंका में बिहार के अररिया जिले के 59 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। ये बच्चे धौली एक्सप्रेस से प्लेटफॉर्म नंबर चार पर उतर रहे थे, तभी आरपीएफ की टीम को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। सभी बच्चे नाबालिग थे और उनके साथ कोई अभिभावक नहीं था। संदेह होने पर आरपीएफ जवानों ने तुरंत उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की। बच्चों ने बताया कि उन्हें अररिया जिले के विभिन्न गरीब गांवों से लाया गया था। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें ओडिशा के एक मदरसे में दाखिला दिलाने के नाम पर मुफ्त पढ़ाई, खाना और रहने का लालच दिया गया था। इसी लालच में वे अपने घरों से निकले थे। हावड़ा होते हुए पहुंचे थे ओडिशा बच्चों की यात्रा का रास्ता काफी लंबा था। वे पहले अररिया से ट्रेन से कटिहार पहुंचे, फिर हावड़ा होते हुए कटक पहुंचे थे। आरपीएफ ने तत्काल चाइल्डलाइन को सूचित किया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। रेस्क्यू किए गए सभी 59 बच्चों को कटक चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया है। सीडब्ल्यूसी ने उनकी देखभाल, सुरक्षा और पुनर्वास की जिम्मेदारी ली है। अररिया जिले के चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा उर्फ रिंकू वर्मा ने बताया कि ओडिशा का जिला प्रशासन बच्चों के खाने-पीने और स्वास्थ्य की पूरी व्यवस्था कर रहा है। सभी बच्चों का मेडिकल चेकअप भी कराया गया है। रेस्क्यू बच्चों की अररिया भेजी गई लिस्ट रेस्क्यू किए गए बच्चों की सूची अररिया भेज दी गई है। अररिया में जिला बाल संरक्षण इकाई और जिला बाल कल्याण समिति की टीमों ने बच्चों के आवासीय पतों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। अभिभावकों को सूचना दी जा रही है और उनसे संपर्क स्थापित करने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के नाम पर अन्य राज्यों में ले जाने की ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। आरपीएफ और बाल कल्याण संस्थाओं की त्वरित कार्रवाई से इन बच्चों को संभावित खतरे से बचाया जा सका। अधिकारी इस मामले में आगे की जांच कर रहे हैं और बच्चों को उनके परिवारों के पास सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

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