औरंगाबाद शहर में जल्द ही लोगों को जाम से राहत मिलेगी। प्रशासन ने ऑटो परिचालन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी की अध्यक्षता में ऑटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर में चलने वाले ऑटो वाहनों के संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। जिले में संचालित ऑटो वाहनों के लिए निर्धारित रूटों के अनुसार परिचालन सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि अनियंत्रित तरीके से ऑटो परिचालन होने के कारण शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सात अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटन प्रशासन की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक रूट के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग तय किया जाएगा। संबंधित रूट पर चलने वाले ऑटो को उसी रंग का संकेत प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इससे यात्रियों को रूट पहचानने में आसानी होगी और यातायात व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन सकेगी। ऑटो ड्राइवरों को निर्धारित रूट के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए जल्द ही आवेदन पत्र जारी किए जाएंगे। रूट आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन ने ऑटो मालिकों को निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि समय रहते नई व्यवस्था लागू की जा सके। एसोसिएशन ने सहयोग की बात कही जिला प्रशासन ने सभी ऑटो चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं ऑटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। नई व्यवस्था से लोगों को मिलेगी राहत बैठक में जिन सात रूटों को निर्धारित किया गया है, उनमें रमेश चौक पास स्थित महाकाल मंदिर से कर्मा भगवान पुलिस लाइन, रमेश चौक से जसोईया मोड़, रमेश चौक समीप स्थित बद्रीनाथ मार्केट से रामाबांध बस स्टैंड, रमेश चौक से सिन्हा कॉलेज, रमेश चौक से फारम तक, काली क्लब से कुशवाहा नगर होकर गुप्ता हॉल होते हुए फिर काली क्लब तक वन-वे रूट और धर्मशाला से यमुना नगर होकर वापस धर्मशाला तक का रूट शामिल है। इस बैठक में सभी मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक तथा टेम्पू एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह, सचिव आनंद कुमार समेत अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
औरंगाबाद में जाम से राहत की तैयारी:ऑटो परिचालन के लिए बनाए गए 7 रूट, अलग-अलग कलर कोडिंग; लोगों को होगी सुविधा
औरंगाबाद शहर में जल्द ही लोगों को जाम से राहत मिलेगी। प्रशासन ने ऑटो परिचालन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी की अध्यक्षता में ऑटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर में चलने वाले ऑटो वाहनों के संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। जिले में संचालित ऑटो वाहनों के लिए निर्धारित रूटों के अनुसार परिचालन सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि अनियंत्रित तरीके से ऑटो परिचालन होने के कारण शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सात अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटन प्रशासन की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक रूट के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग तय किया जाएगा। संबंधित रूट पर चलने वाले ऑटो को उसी रंग का संकेत प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इससे यात्रियों को रूट पहचानने में आसानी होगी और यातायात व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन सकेगी। ऑटो ड्राइवरों को निर्धारित रूट के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए जल्द ही आवेदन पत्र जारी किए जाएंगे। रूट आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन ने ऑटो मालिकों को निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि समय रहते नई व्यवस्था लागू की जा सके। एसोसिएशन ने सहयोग की बात कही जिला प्रशासन ने सभी ऑटो चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं ऑटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। नई व्यवस्था से लोगों को मिलेगी राहत बैठक में जिन सात रूटों को निर्धारित किया गया है, उनमें रमेश चौक पास स्थित महाकाल मंदिर से कर्मा भगवान पुलिस लाइन, रमेश चौक से जसोईया मोड़, रमेश चौक समीप स्थित बद्रीनाथ मार्केट से रामाबांध बस स्टैंड, रमेश चौक से सिन्हा कॉलेज, रमेश चौक से फारम तक, काली क्लब से कुशवाहा नगर होकर गुप्ता हॉल होते हुए फिर काली क्लब तक वन-वे रूट और धर्मशाला से यमुना नगर होकर वापस धर्मशाला तक का रूट शामिल है। इस बैठक में सभी मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक तथा टेम्पू एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह, सचिव आनंद कुमार समेत अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।

