औरंगाबाद में बटाने नदी स्थित पुल के पास आज से(14 जून 2026) डायवर्सन निर्माण कार्य शुरू होगा। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार यह निर्णय आमजन की सुरक्षा, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा बटाने पुल की तकनीकी जांच और पथ निरीक्षण कराया गया था। जांच के दौरान एनएच-139 पर स्थित 225 मीटर लंबे इस पुल की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल से केवल हल्के वाहनों के आवागमन की अनुमति दी गई है। साथ ही यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी लागू की गई है। प्रशासन का मानना है कि डायवर्सन निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। 4.56 करोड़ की लागत से बनेगा डायवर्सन प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पुल के पास प्रस्तावित डायवर्सन निर्माण कार्य के लिए कुल 4 करोड़ 56 लाख रुपए की टेंडर स्वीकृत की गई है। योजना के तहत अगले दो माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों और एनएच-139 से गुजरने वाले यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता ने संबंधित संवेदक के साथ स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि निर्माण अवधि के दौरान निर्धारित यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। लोगों के सहयोग से ही निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सकेगा। कई राज्यों को जोड़ने वाली सड़क है एनएच 139 आवागमन के लिहाज से एनएच 139 अत्यंत ही महत्वपूर्ण सड़क है। प्रतिदिन इस सड़क से होकर झारखंड, छत्तीसगढ़, यूपी और एमपी से वाहन औरंगाबाद पहुंचते हैं। फिलहाल भारी वाहनों को छतरपुर से जपला, तेतरिया मोड़ और बारुण होते हुए एनएच-19 पर निकालने के लिए अनुमति दी गई है। ऐसे में वाहन चालकों को 50 से 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ता है। डायवर्सन का निर्माण होने के बाद लोगों को सहूलियत होगी और आसानी से कम दूरी तय कर औरंगाबाद जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे।
औरंगाबाद में बटाने पुल के पास बनेगा डायवर्सन:दो माह में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य, लोगों को होगी सुविधा; जांच में मिली थी खामियां
औरंगाबाद में बटाने नदी स्थित पुल के पास आज से(14 जून 2026) डायवर्सन निर्माण कार्य शुरू होगा। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार यह निर्णय आमजन की सुरक्षा, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा बटाने पुल की तकनीकी जांच और पथ निरीक्षण कराया गया था। जांच के दौरान एनएच-139 पर स्थित 225 मीटर लंबे इस पुल की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल से केवल हल्के वाहनों के आवागमन की अनुमति दी गई है। साथ ही यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी लागू की गई है। प्रशासन का मानना है कि डायवर्सन निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। 4.56 करोड़ की लागत से बनेगा डायवर्सन प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पुल के पास प्रस्तावित डायवर्सन निर्माण कार्य के लिए कुल 4 करोड़ 56 लाख रुपए की टेंडर स्वीकृत की गई है। योजना के तहत अगले दो माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों और एनएच-139 से गुजरने वाले यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता ने संबंधित संवेदक के साथ स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि निर्माण अवधि के दौरान निर्धारित यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। लोगों के सहयोग से ही निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सकेगा। कई राज्यों को जोड़ने वाली सड़क है एनएच 139 आवागमन के लिहाज से एनएच 139 अत्यंत ही महत्वपूर्ण सड़क है। प्रतिदिन इस सड़क से होकर झारखंड, छत्तीसगढ़, यूपी और एमपी से वाहन औरंगाबाद पहुंचते हैं। फिलहाल भारी वाहनों को छतरपुर से जपला, तेतरिया मोड़ और बारुण होते हुए एनएच-19 पर निकालने के लिए अनुमति दी गई है। ऐसे में वाहन चालकों को 50 से 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ता है। डायवर्सन का निर्माण होने के बाद लोगों को सहूलियत होगी और आसानी से कम दूरी तय कर औरंगाबाद जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे।

