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झारखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयान देने पर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने रविवार को उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्हें तीन दिनों के अंदर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने और स्वयं उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। प्रदेश प्रभारी के. राजू के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से साफ है कि संगठन सरकार के मुखिया पर किसी तरह के व्यक्तिगत हमले बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। मामले में के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश से बात की। फिर केशव ने अनुशासन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव से विमर्श किया। रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस के अधिकारिक मेल से योगेंद्र को शो-कॉज नोटिस भेजा गया। उनके व्हाट्सऐप पर भी भेजा गया है। योगेंद्र साव का आचरण पार्टी सिद्धांतों के विपरीत व दिए गए निर्देशों की अवहेलना माना गया : राकेश सिन्हा प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने योगेंद्र साव को शो-कॉज जारी किया है । प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि पूर्व में भी पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के कारण योगेंद्र साव को पार्टी से निष्कासित किया गया था। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे संगठनात्मक योगदान को ध्यान में रखते हुए निष्कासन का निर्णय निरस्त किया था। लेकिन हाल में मीडिया के माध्यम से उनके द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। नोटिस के अनुसार उनका आचरण पार्टी सिद्धांतों के विपरीत होने के साथ-साथ पार्टी नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना भी माना गया है। अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि बार-बार इस प्रकार का अनुशासनहीन आचरण यह संकेत देता है कि गतिविधियां दोहराई जा रही हैं और इससे संगठन की छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। विवाद की हालिया वजह रही हजारीबाग खासमहाल जमीन विवाद की ताजा वजह हजारीबाग जिले के बड़कागांव में प्रशासन द्वारा खासमहाल की 50 डिसमिल जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी। इस जमीन पर योगेंद्र साव अपना दावा जताते रहे हैं। कार्रवाई के क्षुब्ध योगेंद्र साव ने सीएम पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्ट व्यवस्था हावी है। इस बयान पर झामुमो ने कड़ी आपत्ति जताई। योगेंद्र साव की बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी अपने पिता के इस व्यक्तिगत बयान से खुद को अलग करते हुए इसे अनुचित ठहराया। पहले भी दिए थे बयान, पार्टी ने 3 साल के लिए निकाला था योगेंद्र साव इसके पूर्व भी वे सीएम के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। हजारीबाग के केरेडारी में एनटीपीसी खनन क्षेत्र के विस्तार के दौरान जब प्रशासन ने उनके आवास को ध्वस्त किया था, तब भी योगेंद्र साव ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार के खिलाफ तीखे वार किए थे। उस वक्त उन्होंने सरकार और पुलिस तंत्र को “लुटेरों का अड्डा’ तक कह दिया था। इस बयानबाजी के चलते मार्च 2026 में कांग्रेस ने उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हमें जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है : योगेंद्र साव शोकॉज का नोटिस मिलने के बाद योगेंद्र साव ने कहा कि हमें जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है। अगर कोई हमारा घर तोड़ेगा तो परिस्थितिजन्य कुछ बातें हो जाती हैं। अब नोटिस मिला है तो इसका जवाब भी कांग्रेस अनुशासन समिति को दिया जाएगा।
कांग्रेस ने योगेंद्र साव को शोकॉज किया:मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देने पर अपनी पार्टी के अंदर ही घिरे राज्य के पूर्व मंत्री, 3 दिनों के अंदर मांगा जवाब
