Wednesday, April 29, 2026

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किशनगंज के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन EOU दफ्तर पहुंचे:आय से 118 प्रतिशत अधिक संपत्ति को लेकर पूछताछ जारी, बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव


किशनगंज के पूर्व नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए पटना स्थित अपने कार्यालय में तलब किया है। अभिषेक कुमार रंजन आज सुबह करीब 11 बजे आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे इओयू पूछताछ कर रही है। अभिषेक कुमार रंजन पर आय से 118 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, ईओयू ने अभिषेक से पूछताछ करने के लिए करीब 50 से ज्यादा सवालों की लिस्ट बनाई है। EOU की 5 अलग-अलग टीम ने 14 अप्रैल 2026 को अभिषेक के 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। पटना, छपरा, सिलीगुड़ी और मुजफ्फरपुर में करोड़ों के बंगले और जमीन के निवेश का EOU ने छापेमारी के दौरान खुलासा किया था। 16 साल के सेवा काल में लगभग 50 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति सूत्रों के अनुसार, अभिषेक कुमार रंजन पर अपने 16 साल के सेवा काल में लगभग 50 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसी को संदेह है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर यह संपत्ति जुटाई है। ईओयू अब उनकी आय के स्रोतों और संपत्तियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। ईओयू की पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध संपत्ति का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई खुलासे होने की संभावना है। निलंबित SDPO के सहयोगी रहे हैं अभिषेक रंजन यह मामला तब सामने आया जब किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही थी। उसी दौरान अभिषेक रंजन का नाम भी जांच के दायरे में आया। जांच में संकेत मिले कि अभिषेक रंजन, गौतम कुमार के करीबी सहयोगी रहे हैं। ईओयू की प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि थानाध्यक्ष के स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया और तस्करों से गहरे संबंध थे। इस अवैध कमाई को जमीन, मकान और अन्य बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया। पश्चिम बंगाल, दिल्ली सहित कई जगहों पर है संपत्ति जांच एजेंसी को मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र सहित पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर और अन्य स्थानों पर उनकी संपत्तियों की जानकारी मिली है। इसमें सिलीगुड़ी में एक फ्लैट और दार्जिलिंग रोड पर खरीदी गई जमीन भी शामिल है। इन संपत्तियों के भुगतान के स्रोत और लेन-देन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। 2009 में बिहार पुलिस में मिली थी पोस्टिंग अभिषेक कुमार रंजन 2009 में बिहार पुलिस में दारोगा के रूप में नियुक्त हुए थे। उन्होंने मोतिहारी, पटना और किशनगंज जैसे जिलों में सेवाएं दीं। वर्ष 2023 में उन्हें पदोन्नत कर पुलिस निरीक्षक बनाया गया था। रेड में 50 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा मंगलवार को पटना, किशनगंज और सारण स्थित उनके 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए थे। जांच में करीब 50 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला था। EOU के अनुसार, थानेदार ने अपनी 16 साल की नौकरी के दौरान आय से 115 गुना अधिक संपत्ति अर्जित की। पटना में स्विमिंग पूल वाले आलीशान मकान, पश्चिम बंगाल में जमीन निवेश और पैतृक घर को लग्जरी रूप देने में भारी खर्च के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा 7 ट्रक समेत कई वाहन भी बरामद गए हैं। लाइन हाजिर के बाद निलंबित मामले में डीए केस दर्ज कर किया गया था। विभागीय कार्रवाई के तहत पहले उन्हें लाइन हाजिर किया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया था। बताया जाता है कि आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई के बाद पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी विवेकानंद ने पूर्व थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था।

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