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खगड़िया में जिला कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। इस कार्यशाला में 40 नवोदित कलाकारों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिन्होंने समापन समारोह में समूह लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवा कलाकारों को लोक संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को निखारना था। पांच दिनों के प्रशिक्षण के दौरान, अनुभवी कलाकारों और प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को लोक संगीत की विभिन्न विधाओं, शैली, प्रस्तुति, सुर-ताल और मंच संचालन की बारीकियों से अवगत कराया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार ने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में लोक संगीत को सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर बताया और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कुमार ने यह भी कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करता रहेगा ताकि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला निखारने का अवसर मिल सके। समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न भगत और जदयू जिला अध्यक्ष अनुराधा कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। दोनों अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर मनीष कुमार, खुशबू कुमारी, प्रसिद्ध लोकगायक राजकुमार पोद्दार, विद्यानंद, तबला वादक बिपिन कुमार और कवि शंकरानंद सहित कई कलाकार एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।

