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लोहरदगा | सदर प्रखंड के गंगुपाड़ा गांव में शुक्रवार को पारंपरिक जतरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने खोड़हा दलों के बीच पहुंचकर मांदर की थाप पर उनके साथ सामूहिक नृत्य किया। उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। वहीं सांसद ने कहा कि जतरा केवल मेला नहीं है। यह आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज, और हमारे पूर्वजों की विरासत को सहेजने का माध्यम है। हमारे पूर्वजों ने जतरा के माध्यम से समाज को एक जगह जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि जतरा के माध्यम से आपसी भाईचारा बढ़ता है। सामाजिक एकता मजबूत होती है। युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है। पुराने समय में जब आने-जाने के साधन नहीं थे, तब जतरा ही वह जगह थी, जहां समाज के लोग बैठकर समाज के उत्थान, कुरीतियों को दूर करने, और रिश्तों के आदान-प्रदान की बात करते थे। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना बहुत जरूरी है। तभी समाज की सांस्कृतिक पहचान बची रहेगी। मौके पर आलोक कुमार साहू, फूलदेव उरांव, श्याम उरांव, गिरी पाहन, चन्दर उरांव, निंगनी मुखिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
गंगुपाड़ा में जतरा का आयोजन, उमड़े श्रद्धालु
