गया पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुई एक महिला को उसके बैंक खाते से अवैध रूप से निकाले गए पूरे 3 लाख रुपये वापस दिलाया है। पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। साइबर थाना अध्यक्ष के अनुसार, वादिनी रेखा देवी ने 19 जनवरी 2026 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से किसी साइबर अपराधी ने 3 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसे प्राथमिकता पर लिया। उन्होंने साइबर थाना को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष, साइबर थाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की। परिवार ने राहत की सांस ली साइबर थाना की टीम ने राशि पीड़िता के खाते में वापस करा दिया। इस सफलता से रेखा देवी और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। पीड़िता ने गया पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो उनकी मेहनत की जमा-पूंजी वापस मिलना मुश्किल हो जाता। गया पुलिस ने इस उपलब्धि को साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार तकनीकी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
गयाजी पुलिस ने साइबर ठगी के 3 लाख वापस दिलाए:महिला के बैंक खाते से हुई थी निकासी, साइबर ठगों ने लगाया था चूना
गया पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुई एक महिला को उसके बैंक खाते से अवैध रूप से निकाले गए पूरे 3 लाख रुपये वापस दिलाया है। पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। साइबर थाना अध्यक्ष के अनुसार, वादिनी रेखा देवी ने 19 जनवरी 2026 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से किसी साइबर अपराधी ने 3 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसे प्राथमिकता पर लिया। उन्होंने साइबर थाना को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष, साइबर थाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की। परिवार ने राहत की सांस ली साइबर थाना की टीम ने राशि पीड़िता के खाते में वापस करा दिया। इस सफलता से रेखा देवी और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। पीड़िता ने गया पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो उनकी मेहनत की जमा-पूंजी वापस मिलना मुश्किल हो जाता। गया पुलिस ने इस उपलब्धि को साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार तकनीकी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
