गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के करस घाट गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस घटना में एक ही पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है। घायलों में लाल बाबू राय के बेटे ओमप्रकाश राय और संतोष राय, तथा स्वर्गीय दर्बी राय के बेटे लाल बाबू राय शामिल हैं। परिजनों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है। लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था घटना के संबंध में बताया जाता है कि जख्मी और आरोपी पक्षों के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। पीड़ितों के अनुसार, उनकी पुश्तैनी जमीन पर मिट्टी रखी हुई थी, जिसे आरोपी पक्ष के लोग जबरन हटाकर अपनी जमीन पर रख रहे थे। हमले में तीनों लोग लहूलुहान होकर गिरे जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया और उन्हें ऐसा करने से रोका, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने उस जमीन को अपनी बताते हुए पीड़ितों पर योजनाबद्ध तरीके से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों लोग लहूलुहान होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी उनकी जमीन पर रखी मिट्टी को जबरन अपने कब्जे में ले रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने हमला कर दिया और उन्हें अधमरा कर दिया।
गोपालगंज में जमीन विवाद पर हिंसक झड़प:महम्मदपुर के करस घाट में 3 लोग गंभीर घायल, 2 रेफर
गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के करस घाट गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस घटना में एक ही पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है। घायलों में लाल बाबू राय के बेटे ओमप्रकाश राय और संतोष राय, तथा स्वर्गीय दर्बी राय के बेटे लाल बाबू राय शामिल हैं। परिजनों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है। लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था घटना के संबंध में बताया जाता है कि जख्मी और आरोपी पक्षों के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। पीड़ितों के अनुसार, उनकी पुश्तैनी जमीन पर मिट्टी रखी हुई थी, जिसे आरोपी पक्ष के लोग जबरन हटाकर अपनी जमीन पर रख रहे थे। हमले में तीनों लोग लहूलुहान होकर गिरे जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया और उन्हें ऐसा करने से रोका, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने उस जमीन को अपनी बताते हुए पीड़ितों पर योजनाबद्ध तरीके से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों लोग लहूलुहान होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी उनकी जमीन पर रखी मिट्टी को जबरन अपने कब्जे में ले रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने हमला कर दिया और उन्हें अधमरा कर दिया।
