गोपालगंज में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने स्कूलों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत, कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल अब 31 मई तक बंद रहेंगे। पहले यह बंदी 26 मई तक थी, जिसे बढ़ाया गया है। कक्षा 9 और उससे ऊपर की उच्च माध्यमिक कक्षाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी, लेकिन उनके समय में कटौती की गई है। ये कक्षाएं अब सिर्फ सुबह 11:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। बढ़ते तापमान के चलते लिया फैसला यह फैसला उत्तर भारत और विशेषकर बिहार के मैदानी इलाकों में चल रही लू और बढ़ते तापमान के कारण लिया गया है। दोपहर के समय तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे छोटे बच्चों में बीमारी, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह आदेश जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओआरएस और नींबू पानी लेते रहें अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे इस भीषण गर्मी में बच्चों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने दें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस और नींबू पानी देते रहें, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
गोपालगंज में 1 से 8वीं तक के स्कूल बंद:31 मई तक अवकाश, 9वीं से ऊपर की कक्षाएं 11 बजे तक चलेंगी
गोपालगंज में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने स्कूलों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत, कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल अब 31 मई तक बंद रहेंगे। पहले यह बंदी 26 मई तक थी, जिसे बढ़ाया गया है। कक्षा 9 और उससे ऊपर की उच्च माध्यमिक कक्षाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी, लेकिन उनके समय में कटौती की गई है। ये कक्षाएं अब सिर्फ सुबह 11:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। बढ़ते तापमान के चलते लिया फैसला यह फैसला उत्तर भारत और विशेषकर बिहार के मैदानी इलाकों में चल रही लू और बढ़ते तापमान के कारण लिया गया है। दोपहर के समय तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे छोटे बच्चों में बीमारी, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह आदेश जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओआरएस और नींबू पानी लेते रहें अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे इस भीषण गर्मी में बच्चों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने दें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस और नींबू पानी देते रहें, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

