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चंपारण की लाइफलाइन हुई बेपटरी, 46 दिनों से समय पर नहीं पहुंच रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस

चंपारण की लाइफलाइन हुई बेपटरी, 46 दिनों से समय पर नहीं पहुंच रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस

गणेश वर्मा की रिपोर्ट

चंपारण और उत्तर बिहार को सीधे दिल्ली से जोड़ने वाली 12557 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस की लगातार बिगड़ती समयपालन व्यवस्था अब यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. कभी अपनी समयबद्धता के लिए पहचानी जाने वाली यह ट्रेन पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार विलंब का शिकार है. स्थिति यह है कि जून के पहले 15 दिनों में ट्रेन एक भी दिन अपने निर्धारित समय पर आनंद विहार टर्मिनल नहीं पहुंच सकी.

रेलवे के निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार सप्तक्रांति सुपरफास्ट प्रतिदिन मुजफ्फरपुर जंक्शन से सुबह 11:35 बजे रवाना होती है और अगले दिन सुबह 7:40 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचने का समय है. 1060 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ट्रेन को 20 घंटे 5 मिनट का समय निर्धारित है. लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है.

रनिंग स्टेटस और यात्रियों की शिकायतों के अनुसार ट्रेन लगातार दो से चार घंटे की देरी से दिल्ली पहुंच रही है. कई दिनों में यह सुबह 7:40 बजे के बजाय 9 बजे से 11 बजे के बीच आनंद विहार पहुंची. नतीजतन यात्रियों का सफर 20 घंटे की जगह 22 से 24 घंटे तक का हो जा रहा है.

लाखों यात्रियों की पहली पसंद है सप्तक्रांति

पश्चिम और पूर्वी चंपारण के लिए सप्तक्रांति केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि दिल्ली से जुड़ने की सबसे महत्वपूर्ण रेल कड़ी मानी जाती है. नरकटियागंज, बेतिया, चनपटिया, बापूधाम मोतिहारी, मेहसी, चकिया और मुजफ्फरपुर के हजारों यात्री रोजाना इस ट्रेन पर निर्भर रहते हैं.

नौकरीपेशा लोगों, प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों, इलाज के लिए दिल्ली जाने वाले मरीजों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन सबसे सुविधाजनक विकल्प मानी जाती है. लेकिन लगातार हो रही देरी ने यात्रियों की योजनाओं को प्रभावित करना शुरू कर दिया है.

आगे की यात्राएं भी हो रहीं प्रभावित

यात्रियों का कहना है कि दिल्ली देर से पहुंचने के कारण उनकी कनेक्टिंग ट्रेनें छूट रही हैं. कई लोगों की व्यावसायिक बैठकें प्रभावित हो रही हैं, जबकि छात्रों और मरीजों को भी अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार ट्रेन का सफर 20 घंटे 5 मिनट का होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह औसतन 23 घंटे के आसपास पहुंच चुका है.

चंपारण रेल विकास मंच ने जताई नाराजगी

सप्तक्रांति एक्सप्रेस की लगातार लेटलतीफी पर चंपारण रेल विकास मंच ने भी चिंता व्यक्त की है. मंच से जुड़े राहुल श्रीवास्तव, निखिल कुमार और अन्य सदस्यों ने कहा कि चंपारण की लाइफलाइन कही जाने वाली इस ट्रेन की बदहाल समयपालन व्यवस्था से रोज हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं.

मंच ने रेलवे प्रशासन से ट्रेन की समयपालन व्यवस्था में सुधार लाने, विलंब के कारणों की समीक्षा करने और तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

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