चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में अपहृत युवक प्रमोद कुमार की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। मृतक का शव नदी के बालू से बरामद किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की इस साजिश को मृतक के एक करीबी दोस्त ने ही अंजाम दिया था। अवैध कारतूस के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में प्रमोद की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पथेल निवासी सुनील कुमार (19) और सुनील कुमार भोक्ता (21) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पिता ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गड़िया गांव निवासी देवलाल यादव का पुत्र प्रमोद कुमार 5 जून से लापता था। 7 जून को देवलाल यादव ने राजपुर थाने में प्रमोद कुमार के अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात अपराधियों ने उनके बेटे का अपहरण कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चतरा एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एक त्वरित छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब अनुसंधान की गति बढ़ाई, तो गड़िया पुल से करीब 200 मीटर उत्तर दिशा में नदी के बालू के अंदर गाड़ा गया प्रमोद कुमार का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी शाखा के सहयोग से पेशेवर तरीके से जांच को आगे बढ़ाया। दरअसल, प्रमोद कुमार की हत्या पथेल गांव के उसके एक दोस्त ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या के पीछे की वजह अवैध हथियार और जिंदा कारतूस की खरीद-बिक्री को लेकर हुआ विवाद था। देसी कट्टा और कारतूस नहीं दिलाने पर हुई हत्या
प्रमोद ने अवैध हथियार और 10 राउंड जिंदा कारतूस दिलाने के नाम पर दोस्तों से 40 हजार पैसा लिया था। प्रमोद 7 राउंड जिंदा कारतूस दिला भी दिया था। लेकिन देसी कट्टा और 3 राउंड जिंदा कारतूस नहीं दिलाया। दोस्तों ने अपने पैसे रिटर्न मांगे तो वो वापस नहीं कर रहा था। इसीलिए आरोपियों ने 5 जून की रात करीब 8 बजे फोन कर बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा, रस्सी का टुकड़ा, मृतक का आईफोन, 3 अन्य मोबाइल फोन और 7 जिंदा कारतूस (राउंड) बरामद कर लिए हैं।

