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पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विषाक्त मशरूम खाने से छह लोग बीमार पड़ गए। तबीयत बिगड़ने पर सभी को चाईबासा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉ. ए.जी. प्रसाद की देखरेख में लगभग तीन घंटे तक चले उपचार के बाद सभी मरीजों की हालत में सुधार हुआ और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बीमार हुए लोगों में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंजदबेड़ा गांव निवासी चंद्र मोहन लोहार और उनकी पुत्री शांति लोहार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राजनगर थाना क्षेत्र के मिंडकी गांव स्थित भगवती स्टोन क्रशर के चार कर्मचारी नरेश महतो, दीपक कुमार, बुल्लु कुमार और शत्रुघ्न कुमार भी मशरूम खाने के बाद बीमार हुए। चंद्र मोहन लोहार ने बताया कि उन्होंने बाजार से मशरूम खरीदकर घर में सब्जी बनाई थी। सब्जी खाने के करीब आधे घंटे बाद उन्हें और उनकी पुत्री को उल्टी, घबराहट और बेचैनी होने लगी। दूसरी ओर, स्टोन क्रशर के कर्मचारियों ने खेत से मशरूम तोड़कर उसकी सब्जी बनाई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें भी सदर अस्पताल लाया गया। डॉ. ए.जी. प्रसाद ने जानकारी दी कि समय पर इलाज मिलने से सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में जंगल या खेतों से मिले अज्ञात एवं जंगली मशरूम का सेवन न करें। डॉ. ए.जी. प्रसाद ने बताया कि कई जंगली मशरूम विषैले होते हैं, जिनके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और जान का खतरा भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराना चाहिए।


