पॉलिटिकल रिपोर्टर| रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव तक सच्चाई छिपाने वाली मोदी सरकार अब जनता को त्याग और कटौती का उपदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल बचाने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्राएं कम करने और विदेशी सामान छोड़ने जैसी सलाहें यह साबित करती हैं कि देश की आर्थिक स्थिति गंभीर है और सरकार अब उसे छिपा नहीं पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव तक सरकार ने आर्थिक संकट की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं आने दी। चुनाव खत्म होते ही जनता को कम खर्च करने और कम खरीदारी करने की नसीहत दी जा रही है। यह राजनीतिक लाभ के लिए सच्चाई छिपाने का उदाहरण है। विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति भी विफल साबित हुई है। जिन देशों को भारत का करीबी मित्र बताया जाता था, वे अब दूरी बना रहे हैं और सरकार अमेरिका के दबाव में झुकती दिखाई दे रही है। इसका असर अर्थव्यवस्था व आम लोगों पर पड़ रहा है। 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के दावों के बावजूद महंगाई झामुमो नेता ने कहा कि विश्वगुरु, न्यू इंडिया और 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी जैसे दावों के बावजूद महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स से जनता परेशान है। एक ओर आम लोगों को विदेश यात्राएं रोकने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री विदेश दौरों पर जा रहे हैं। पांडेय ने कहा कि जनता टैक्स भी दे, महंगाई भी सहे और अंत में उपदेश भी सुने, यह लोकतंत्र नहीं बल्कि जनता के साथ अन्याय है। देश की जनता से कभी थाली बजवाई गई, कभी मोमबत्ती जलवाई गई, कभी प्याज-टमाटर छोड़ने की सलाह दी गई और अब कहा जा रहा है कि कम चलो, कम खरीदो और कम जियो।
चुनाव खत्म होते जनता को कटौती का उपदेश देने लगी मोदी सरकार : झामुमो
पॉलिटिकल रिपोर्टर| रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव तक सच्चाई छिपाने वाली मोदी सरकार अब जनता को त्याग और कटौती का उपदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल बचाने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्राएं कम करने और विदेशी सामान छोड़ने जैसी सलाहें यह साबित करती हैं कि देश की आर्थिक स्थिति गंभीर है और सरकार अब उसे छिपा नहीं पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव तक सरकार ने आर्थिक संकट की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं आने दी। चुनाव खत्म होते ही जनता को कम खर्च करने और कम खरीदारी करने की नसीहत दी जा रही है। यह राजनीतिक लाभ के लिए सच्चाई छिपाने का उदाहरण है। विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति भी विफल साबित हुई है। जिन देशों को भारत का करीबी मित्र बताया जाता था, वे अब दूरी बना रहे हैं और सरकार अमेरिका के दबाव में झुकती दिखाई दे रही है। इसका असर अर्थव्यवस्था व आम लोगों पर पड़ रहा है। 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के दावों के बावजूद महंगाई झामुमो नेता ने कहा कि विश्वगुरु, न्यू इंडिया और 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी जैसे दावों के बावजूद महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स से जनता परेशान है। एक ओर आम लोगों को विदेश यात्राएं रोकने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री विदेश दौरों पर जा रहे हैं। पांडेय ने कहा कि जनता टैक्स भी दे, महंगाई भी सहे और अंत में उपदेश भी सुने, यह लोकतंत्र नहीं बल्कि जनता के साथ अन्याय है। देश की जनता से कभी थाली बजवाई गई, कभी मोमबत्ती जलवाई गई, कभी प्याज-टमाटर छोड़ने की सलाह दी गई और अब कहा जा रहा है कि कम चलो, कम खरीदो और कम जियो।

